पीएम किसान सम्मान निधि: 60000 किसानों को इसी माह मिलेंगे दो-दो हजार रुपए

केन्द्र द्वारा घोषित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को किसानों तक जल्दी पहुंचाने के लिए बीजेपी शासित राज्य सरकारें तेजी से काम कर रही हैं. इसी कड़ी में फरवरी में ही तमाम औपचारिकताएं पूरी कर 60 हज़ार से अधिक किसानों को योजना की पहली किश्त देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. .

Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: February 12, 2019, 8:26 PM IST
Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: February 12, 2019, 8:26 PM IST
केन्द्र द्वारा घोषित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को किसानों तक जल्दी पहुंचाने के लिए बीजेपी शासित राज्य सरकारें तेजी से काम कर रही हैं. यही वजह है कि हिमाचल प्रदेश का ऊना प्रशासन चुस्त हो गया है. इसी कड़ी में फरवरी में ही तमाम औपचारिकताएं पूरी कर 60 हज़ार से अधिक किसानों को योजना की पहली किश्त देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. लोकसभा चुनावों की दस्तक से पहले जनता को अपने पाले में लाने के लिए हर सरकार अपने दांव बहुत देखभाल कर चल रही है.

हाल ही में मोदी सरकार द्वारा घोषित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को शीघ्र किसानों तक पहुंचाने के लिए बीजेपी शासित राज्य सरकारें तेजी से इस योजना पर काम कर रही हैं. शायद इसका असर है कि हिमाचल प्रदेश के ऊना में भी प्रशासन इस योजना को लेकर चुस्त हो गया है. इस चुस्ती का नज़ारा कुछ ऐसा है कि प्रशासन ने इसी महीने में ज़िले के 62 हज़ार किसानों को इस योजना का लाभ देने पर तेज़ी से काम शुरू कर दिया है.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 2 हेक्टेयर से कम भूमि वाले किसानों को 2000 रुपए की पहली किश्त फरवरी माह के अंत तक मिलना शुरू हो जाएगी. इसी सिलसिले में उपायुक्त ऊना राकेश कुमार प्रजापति की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई और आवेदन पत्र को अंतिम रूप दिया गया.



किसान सम्मान निधि में किसानों को सालाना 6000 रुपए दिए जाने का प्रावधान है. यह पैसा लाभार्थी किसान के बैंक अकाउंट में जाएगा. जिला प्रशासन ने जल्द ही पंचायत स्तर पर कैंप लगाने की योजना बनाई है, जिसमें लाभार्थियों को आवेदन फॉर्म उपलब्ध करवाए जाएंगे.

यदि किसी कारणवश इन कैंपों में न पहुंच पाने वाले किसान कैंपों के बाद भी आवेदन फॉर्म को पटवारी से सत्यापित करवाकर पंचायत घरों में जमा करा सकते हैं. योजना के लाभार्थियों की चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन नामों को वेबसाइट पर डाला जाएगा.

किसानों के नाम अपलोड करने की अंतिम तिथि 25 फरवरी है. इसके बाद किसान अपना नाम वेबसाइट पर देख पाएंगे. इससे किसानों को यह भी पता चल जाएगा कि उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा या नहीं.

योजना के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष में आयकर जमा करने वाले किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा, जबकि किसी संवैधानिक पद पर आसीन किसान और 10 हज़ार से अधिक पेंशनधारी किसान को योजना से बाहर रखा गया है. ऊना के डीसी राकेश प्रजापति ने बताया कि जिला प्रशासन ने इसी माह किसानों को पहली किश्त जारी करने का लक्ष्य रखा है.
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