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हिमाचल के ऊना में सरकारी स्कूल में रैगिंग, 7 स्टूडेंट्स सस्पेंड

प्रधानाचार्य ने रैगिंग मामले की शिकायत जिला प्रशासन को सौंपी.
प्रधानाचार्य ने रैगिंग मामले की शिकायत जिला प्रशासन को सौंपी.

रैगिंग भी ऐसी की सुनने वालों की रूह कांप जाए. आवासीय विद्यालय के सीनियर छात्र जूनियर छात्रों से अपना होमवर्क करवाने के साथ साथ अपने कपड़े तक धुलवाते थे. जूनियर छात्रों द्वारा मना करने पर उन्हें शारीरिक यातनाएं देते थे. सीनियर छात्रों की यातनाओं से तंग आकर जूनियर छात्रों ने पूरे मामले से प्रधानाचार्य को अवगत करवाया.

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ऊना. हिमाचल के ऊना (Una) जिले के एक प्रतिष्ठित सरकारी आवासीय विद्यालय (Government residential school) में रैगिंग (Ragging) का मामला सामने आया है. रैगिंग भी ऐसी की सुनने वालों की रूह कांप जाए. आवासीय विद्यालय के सीनियर छात्र जूनियर छात्रों से अपना होमवर्क करवाने के साथ साथ अपने कपड़े तक धुलवाते थे. जूनियर छात्रों द्वारा मना करने पर उन्हें शारीरिक यातनाएं देते थे.

सीनियर छात्रों की यातनाओं से तंग आकर जूनियर छात्रों ने पूरे मामले से प्रधानाचार्य को अवगत करवाया. इसके बाद प्रधानाचार्य ने मामले की शिकायत जिला प्रशासन को सौंपी. शिकायत के आधार पर एडीसी ऊना ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सात छात्रों को सस्पेंड (Seven Students Terminated) कर दिया गया है.

जूनियर छात्रों को पीटा जाता था



बताया जा रहा है कि सीनियर छात्र काम न करने पर जूनियर छात्रों को तब तक पीटते थे जबतक वे रोने नहीं लगते. कभी-कभी सीनियर छात्र जूनियर छात्रों को थप्पड़, जूते व रॉड से भी पीटा करते थे. जूनियर छात्रों द्वारा मामले की शिकायत स्कूल के प्रधानाचार्य से की गई तब तुरंत ही कार्रवाई करते हुए 7 सीनियर छात्रों को टर्मिनेट कर दिया गया.
जूनियर व सीनियर छात्रों व उनके परिजनों से पूछताछ 

रैगिंग के इस मामले की जांच जिला उपायुक्त तक पहुंच गई है. उपायुक्त ने जांच का जिम्मा एडीसी ऊना को सौंपा है. एडीसी ऊना ने आज सीनियर व जूनियर छात्रों सहित परिजनों को भी पूछताछ के लिए अपने कार्यालय में बुलाया. उन्होंने बारी बारी से दोनों पक्षों की बातें सुनी.

एडीसी ऊना ने सोमवार को सीनियर व जूनियर छात्रों सहित परिजनों को भी पूछताछ के लिए अपने कार्यालय में बुलाया.


शाम ढलने के बाद ही शुरू हो जाती थी रैगिंग

जूनियर छात्रों ने बताया कि रैगिंग का सारा खेल शाम ढलने के बाद से शुरू होता था और सुबह स्कूल शुरू होने तक चलता रहता था. वहीं एडीसी के साथ हुई बैठक के दौरान परिजनों ने मांग उठाई कि स्कूल के सभी ब्लॉक व होस्टल में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए. साथ ही हर माह परिजनों की बैठक होनी चाहिए ताकि बच्चों की शिक्षा के स्तर व खामियों के बारे पता चल सके. बैठक में परिजनों ने इस बात का भी खेद जताया कि उन्हें मामले की जानकारी समय पर नहीं दी गई.

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