हिमाचल में रात के अंधेरे में DCs के तबादले, सुबह ज्वाइनिंग, कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस नेता मुकेश अग्निहोत्री.
कांग्रेस नेता मुकेश अग्निहोत्री.

हिमाचल में सोमवार आधी रात को 7 जिलों के डीसी बदले गए थे और मंगलवार सुबह जिलों के नए डीसी ने ज्वाइन किया है. इस पर कांग्रेस अब सवाल उठा रही है.

  • Share this:
ऊना. हिमाचल प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री (Mukesh Agnihotri) ने प्रदेश के सात उपायुक्तों के एकाएक किए गए तबादलों को लेकर प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि रात के अंधेरे में अधिकारियों के तबादले (Transfer) किए जा रहे हैं और भोर होते उन्हें नई जगह पर ज्वाइन भी कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग (Election Commission) ने सरकार (Government) को पत्र लिखकर पंचायत चुनाव तक उपायुक्तों (DC) के तबादले न करने का आग्रह किया था, लेकिन अब जब प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर किसी भी समय चुनाव आचार संहिता लग सकती है. ऐसे में सरकार ने चुनाव आयोग के आग्रह को दरकिनार करते हुए रात के अंधेरे में अधिकारियों के तबादले कर डाले हैं.

सरकार की मंशा पर सवाल

इससे पहले, उन्होंने तबादलों को लेकर सरकार की मंशा पर भी सवालिया निशान लगाए हैं. रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि चुनाव आयोग ने निकट भविष्य में आ रहे पंचायती राज और स्थानीय निकाय के चुनावों के चलते किसी भी जिला से डीसी का तबादला न करने का आग्रह किया था. चुनाव आयोग ने बाकायदा इसके लिए प्रदेश सरकार को पत्र भी लिखा, लेकिन सरकार ने हमेशा की तरह अपनी मनमानी करते हुए चुनाव आयोग के लिखित आग्रह को भी दरकिनार करते हुए प्रदेश के सात उपायुक्तों के तबादले कर डाले हैं.



बिना अधिकारियों के चुनाव?
मुकेश ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि प्रदेश सरकार बिना अधिकारियों के आने वाले पंचायती राज व स्थानीय निकाय के चुनाव को संपन्न करवा लेगी. उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रदेश में पंचायती राज और स्थानीय निकायों के चुनावों को लेकर आचार संहिता लागू होने वाली है. दूसरी तरफ सरकार ने जिलों में कामकाज संभाल रहे अधिकारियों को ताश के पत्तों की तरह फेंट कर रख दिया है. उन्होंने कहा कि इस सरकार में जिन अधिकारियों ने तन्मयता से अपने फर्ज को अंजाम दिया सरकार ने उनके साथ भी बुरा बर्ताव किया है.

आत्महत्याओं पर भी चिंता जताई

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एक तरफ जहां प्रदेश में कोरोनावायरस के चलते लोगों की मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है. वहीं पूरे कोरोना काल के दौरान आत्महत्याओं के रूप में कोरोना से भी 3 गुना ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं. उन्होंने कहा कि सितंबर तक प्रदेश में करीब 650 लोगों द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामलों की पुष्टि हो चुकी है. उन्होंने कहा कि महामारी के इस दौर में लोगों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा है, जिसके चलते लोग तनाव और अवसाद से ग्रस्त होकर मौत के मुंह में जाने को विवश हुए हैं. उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश सरकार लोगों की मदद नहीं कर सकते तो कम से कम इन आत्महत्याओं को रोकने के लिए कोई कारगर रणनीति बनानी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाना चाहिए, ताकि प्रदेश में आत्महत्या के मामलों पर लगाम कसी जा सके.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज