Himachal:ऊना के तिलक राज की बहरीन में कोरोना से मौत, परिजनों की मांग-शव भारत लाया जाए

पहाड़ी जिलों में कोरोना की रफ्तार थमी.

पहाड़ी जिलों में कोरोना की रफ्तार थमी.

Death From Covid-19: तिलक राज के घर में उनकी धर्मपत्नी के अलावा दो बच्चे भी हैं. एक तरफ जहां तिलक राज की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. वहीं बिना शव को देखे परिजनों को यह यकीन करना भी आसान नहीं कि उसकी बहरीन (Bahrain) में मौत हो चुकी है.

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ऊना. दो माह पहले ही हिमाचल के ऊना जिले (Una) का तिलक राज रोजी-रोटी कमाने के लिए बहरीन गया था, लेकिन वहां वह कोविड-19 (Covid-19) का शिकार हो गया और अब उसकी मौत हो गई है. उसकी मौत की खबर सुनकर बेहाल परिजनों ने भारत सरकार (Indian Government) से गुहार लगाई है कि शव को भारत लाया जाए.

जानकारी के अनुसार, ऊना जिला के पंजावर गांव के निवासी 48 वर्षीय तिलक राज की कोविड-19 के चलते बहरीन में मौत हो गई है. तिलक राज महज 2 माह पूर्व ही रोजी-रोटी की तलाश में भारत से बहरीन गया था. मृतक के परिजनों ने केन्द्र सरकार से मांग की है कि उसके शव को भारत लाया जाए, ताकि वे विधि विधान से उसका अंतिम संस्कार कर सकें.

कुछ दिन पहले मिली थी बीमारी की जानकारी

मृतक के परिजनों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व उन्हें तिलक राज के बहरीन में बीमार होने की सूचना मिली थी, जिसमें बताया गया था कि वह कोविड-19 से ग्रस्त हो गए हैं. इसी बीच 1 जून को उनकी बहरीन में ही संक्रमण के चलते मौत हो गई. परिजनों को मामले की जानकारी मौत से कुछ दिन बाद मिली. मृतक के भाई राकेश कुमार का कहना है कि मौत की खबर मिलने के बाद उन्होंने सबसे पहले उस ट्रैवल एजेंट से संपर्क किया, जिसके माध्यम से तिलक राज विदेश गए थे. लेकिन ट्रैवल एजेंट रवि ने परिजनों को कोई पुख्ता सूचना नहीं दी. इसके बाद उन्होंने सरकार से शव को वापस भारत लाने की मांग उठाई.
घर में पत्नी और दो बच्चे

तिलक राज के घर में उनकी धर्मपत्नी के अलावा दो बच्चे भी हैं. एक तरफ जहां तिलक राज की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. बिना शव को देखें परिजनों को यह यकीन करना भी आसान नहीं कि तिलक राज की बहरीन में मौत हो चुकी है.

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