COVID-19 Hot Spot Una: पिछले सारे रिकॉर्ड टूटे, 7 दिन में 400 नए केस, CMO का कम्युनिटी स्प्रेडिंग से इंकार

ऊना में कोरोना का कहर.

ऊना में कोरोना का कहर.

Corona Virus in Himachal: मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमन शर्मा ने कहा कि सितंबर में 806 संक्रमित सामने आए थे, हालांकि अब भी स्वास्थ विभाग ने टेस्टिंग ज्यादा बढ़ा दी है, जिसके बाद मार्च माह में 664 संक्रमण के मामले सामने आए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 2:49 PM IST
  • Share this:
ऊना. वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण ने हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में पिछले तमाम रिकॉर्ड को ध्वस्त करते हुए पिछले एक ही हफ्ते में 400 से ज्यादा लोगों को संक्रमित कर दिया है. हालत यह है कि सितंबर 2020 में संक्रमण का आंकड़ा 800 को पार कर गया था, जबकि मार्च माह के 23 दिनों में यह आंकड़ा 664 पहुँच चुका है, जबकि 6 लोगों की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हुई है.

क्यों बढ़े मामले

जिला में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने का एक कारण इसका पंजाब से सटा होना और सामाजिक कार्यक्रमों में कोविड नियमों की पालना ना करना भी माना जा रहा है. पंजाब में इन दिनों कोविड-19 संक्रमण के चलते काफी बुरे हालात हैं. पंजाब के लोगों का हिमाचल आना और ही यहां के लोगों का पंजाब जाना भी संक्रमण प्रसार को तिथि प्रदान करता हुआ दिखाई दे रहा है और इस तथ्य को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मानने लगे हैं. संक्रमण चक्र के तेजी से बढ़ने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर नई रणनीति बनाकर सख्ती की तरफ कदम बढ़ा दिए हैं. जिला प्रशासन ने नो मास्क नो सर्विस के नियम का पालन करवाने के लिए तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग इसे कम्युनिटी स्प्रैड नहीं मान रहा है, लेकिन अधिकारी अंदेशा जता रहे हैं कि यदि यही हालात रहे और लोगों ने कोविड नियमों का पालन न किया तो कम्युनिटी स्प्रेडिंग जैसे हालात पैदा हो सकते हैं.

क्या बोले अधिकारी
सीएमओ ऊना डॉ. रमन शर्मा ने कहा कि मार्च महीने में जितने भी सामाजिक कार्यक्रम ज्यादा हुए हैं या पंजाब से लोगों का आवागमन ज्यादा बढ़ा है, यही कारण है कि जिला में संक्रमण का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने टेस्टिंग भी उसी हिसाब से बढ़ाई है. सीएमओ ने बताया कि प्रति संक्रमित करीब 25 लोगों को जांच के दायरे में शामिल किया जा रहा है. जिला में अभी तक मार्च माह के दौरान 664 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं. टेस्टिंग बढ़ाने से संक्रमितों को पकड़ने में भी सफलता हासिल हुई है. इसकी रोकथाम के लिए सबसे प्रभावी तरीका मास्क को पूर्ण रूप से पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग को मानना और हाथों को बार-बार धोना ही है.

कम्युनिटी स्प्रेडिंग का अंदेशा

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमन शर्मा ने कम्युनिटी स्प्रेडिंग पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सितंबर में जिला में 806 संक्रमित सामने आए थे, हालांकि अब भी स्वास्थ विभाग ने टेस्टिंग ज्यादा बढ़ा दी है, जिसके बाद मार्च माह में 664 संक्रमण के मामले सामने आए हैं. यह नहीं कहा जा सकता कि यहां पर कम्युनिटी स्प्रेडिंग हो चुकी है। हालांकि यदि संक्रमण प्रसार की यही रफ्तार रही तो कम्युनिटी स्प्रेडिंग का अंदेशा जरूर है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज