Positive India:: कोरोना की दूसरी लहर में 1237 संक्रमित मरीजों तक पहुंची पराशर टीम

. हिमाचल प्रदेश के ऊना (Una) जिले में निराशा के इस वातावरण के बीच में समाजसेवी, नेशनल शिपिंग बोर्ड के सदस्य और वीआर मेरीटाइम सर्विसेस के प्रबंध निदेशक कैप्टन संजय पराशर कोरोना की लड़ाई में नायक की तरह पेश आए

. हिमाचल प्रदेश के ऊना (Una) जिले में निराशा के इस वातावरण के बीच में समाजसेवी, नेशनल शिपिंग बोर्ड के सदस्य और वीआर मेरीटाइम सर्विसेस के प्रबंध निदेशक कैप्टन संजय पराशर कोरोना की लड़ाई में नायक की तरह पेश आए

COVID-19: पराशर ने गंभीर रोग से पीड़ित कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए दस आॅक्सीजन कांस्ट्रेटर की व्यवस्था जसवां-परागपुर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर कर दी है.

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ऊना. भले ही अब कोरोना (Corona virus) की दूसरी लहर का असर धीरे-धीरे कम होने लगा है और कोरोना कर्फ्यू (Curfew) के बाद हालात सुधरते दिखाई दे रहे हैं, लेकिन मई माह की शुरूआत में एक दौर ऐसा भी था, जब कोरोना संक्रमण (Corona Infection) कहर ढा रहा था और जनता में भय का माहौल बन गया था. हिमाचल प्रदेश के ऊना (Una) जिले में निराशा के इस वातावरण के बीच में समाजसेवी, नेशनल शिपिंग बोर्ड के सदस्य और वीआर मेरीटाइम सर्विसेस के प्रबंध निदेशक कैप्टन संजय पराशर कोरोना की लड़ाई में नायक की तरह पेश आए. यह पराशर ही थे, जिन्होंने कोरोना संक्रमित मरीजों को यह विश्वास दिलाया कि वे सिर्फ अपना आत्मविश्वास कायम रखें, बाकी का काम वह प्रशासन व सरकार के साथ मिलकर पूरा कर देंगे.

पराशर ने न सिर्फ खुद के संसाधनों से स्वास्थ्य विभाग, जिला ऊना व कांगड़ा प्रशासन, आशा वर्करों और पंचायत प्रतिनिधियों को पौने तीन करोड़ रूपए की दवाईयां, आवश्यक उपकरण व ऑक्सीजन कांस्ट्रेटर खरीद कर उपलब्ध करवाए तो पिछले 22 दिन में वह और उनकी टीम 1237 कोरोना संक्रमित मरीजों तक पहुंची और ऐसे परिवारों का हौसला भी बढ़ाया. जरूरतमंदों तक इस टीम ने फल, दवाईयां, इम्यूनिटी बूस्टर, मैगजीन और अखबार तक पहुंचाए.

टीम में जोड़े 455 लोग

कैप्टन संजय पराशर की अध्यक्षता वाली जप विकास परिषद (JAP Vikas Parishad) के 455 से ज्यादा सदस्य हो चुके हैं, जोकि काेरोना संक्रमित मरीजों की सहायता के लिए दिन-रात अपना योगदान दे रहे हैं. पराशर की टीम ने जसवां-परागपुर, देहरा, गगरेट, चिंतपूर्णी और ज्वालाजी विस क्षेत्रों की 79 पंचायतों के प्रतिनिधियों तक भी सैनिटाइजर, पीपीई किट्स व मास्क का सामान इस समयावधि के दौरान उपलब्ध करवाया है तो 338 आशा वर्कर्स को भी ऑक्सीमीटर(Oxymeter) मुहैया करवाए. इसके अलावा पराशर द्वारा अब पंचायतों में कोरोना संक्रमित मरीज की गंभीर स्थिति में अस्पताल तक पहुंचाने या फिर आक्सीजन कंस्ट्रेटर मशीन के उपयोग के बारे में ड्रिल भी करवाई जा रही है.
मरीजों की मदद की

पराशर ने गंभीर रोग से पीड़ित कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए दस आक्सीजन कंसंट्रेटर (Oxygen Concentrator) की व्यवस्था जसवां-परागपुर क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर कर दी है. संजय का कहना है कि कोरोना का दर्द उन्होंने व उनके परिवार ने भी सहन किया है. पिछले वर्ष हालात कुछ यह थे कि कोई संक्रमित हो जाता था तो सगे-संबंधी भी बात करने तक से कतराते थे. उन्होंने इस मिथक को तोड़ने का प्रयास किया है कि बीमारी से घृणा होनी चाहिए, बीमार से नहीं. बताया कि भविष्य में भी वह कोरोना पॉजीटिव मरीजों की सेवा में काम करते रहेंगे.

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