विधानसभा चुनाव : क्या इस बार हरोली में हार का मिथक तोड़ पाएगी भाजपा?

Amit Sharma | ETV Haryana/HP
Updated: October 13, 2017, 8:48 AM IST
विधानसभा चुनाव : क्या इस बार हरोली में हार का मिथक तोड़ पाएगी भाजपा?
हिमाचल में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान.
Amit Sharma | ETV Haryana/HP
Updated: October 13, 2017, 8:48 AM IST
चुनाव आयोग ने गुरुवार को हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. विधानसभा चुनाव के लिए 9 नवम्बर को वोटिंग होगी. 18 दिसम्बर को चुनावों का परिणाम निकलेगा. एक ही चरण में मतदान होगा. इसके साथ ही प्रदेश में गुरुवार से ही चुनावी आचार संहिता भी लागू हो गई है.

इस सबके बीच हम बात कर रहे प्रदेश की सबसे हॉट सीट हरोली के राजनीतिक समीकरणों की. यहां पिछले 15 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी को लगातार पराजस का मुंह देखना पड़ा है. ऐसे में यह जानना दिलचस्प होगा कि भाजपा इस सीट से किसे दावेदार बनाएगी और क्या इस बार हार का मिथक तोड़ने में कामयाब रहेगी. हरोली में ब्राह्मण प्रत्याशियों का दबदबा रहा है. करीब 78 हजार 600 वोटर अपना विधायक चुनेंगे.

कांग्रेस फिर दे सकती है अग्निहोत्री को मौका
पत्रकारिता छोड़कर मुकेश अग्निहोत्री ने वर्ष 2003 में पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ा और विधानसभा पहुंचे. 2003 से लेकर अब तक हरोली में मुकेश अग्निहोत्री ही जीत रहे हैं.  2003 में अग्निहोत्री को कांग्रेस सरकार में मुख्य संसदीय सचिव का पद मिला. 2008 में एक बार फिर मुकेश अग्निहोत्री विधानसभा पहुंचे लेकिन सरकार भाजपा की बनी. वहीं 2012 में अग्निहोत्री ने फिर जीत दर्ज की. मौजूदा सरकार में मुकेश अग्निहोत्री उद्योग एवं श्रम, रोजगार, लोक सम्पर्क व संसदीय मामलों के मंत्री हैं.

भाजपा के दावेदार
छात्र संगठन ABVP से राजनीतिक कॅरियर शुरू करने वाले प्रो. राम कुमार पिछले चुनावों में अग्निहोत्री का मुकाबला कर चुके हैं. जिसमें राम कुमार को 5172 वोटों से हार मिली थी. मौजूदा समय में राम कुमार भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य भी हैं. दूसरा बड़ा नाम भाजयुमो के जिला महासचिव लखबीर लक्खी का आता है. हाल ही में हुए पंचायत चुनावों में लक्खी ने उद्योग मंत्री के गृह जिला पालकवाह से भाजपा के समर्थन में चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी.
First published: October 13, 2017
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