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गोबिंद सागर झील और स्वां नदियों में सात समंदर पार से पहुंचे विदेशी पक्षी

Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: January 14, 2020, 1:45 PM IST
गोबिंद सागर झील और स्वां नदियों में सात समंदर पार से पहुंचे विदेशी पक्षी
गोबिंद सागर और स्वां नदी में इस समय बत्तखों और जलकाग की कई किस्मों जैसे रूड़ी शेलडक, बार हेडेड, मलार्डस प्रमुख तौर पर देखी जा सकती है.

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित गोबिंद सागर झील (Gobind Sagar Lake) और स्वां नदी (Swan River) में इस साल सैंकड़ो प्रवासी पक्षी हजारों मील की दूरी तय कर पहुंचे हैं. सबसे ऊंची उड़ान भरने वाला बार हेडेड गुस जहां गोबिंद सागर को गुलजार कर रहा है, वहीं स्वां नदी ब्लैक विंग स्टीम्ड सहित अन्य प्रजाति के प्रवासी पक्षियों की आवाज से चहक उठी है.

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ऊना. हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित गोबिंद सागर झील (Govind Sagar Lake) और स्वां नदी (Swan River)  में इस साल सैंकड़ो प्रवासी पक्षी (Immigrated Birds) हजारों मील की दूरी तय कर पहुंचे हैं. इससे पहले गोबिंद सागर झील और स्वां नदी में इक्का दुक्का ही प्रवासी पक्षी विचरने आते थे, लेकिन इस दफा सैंकड़ो की तादाद में प्रवासी पक्षियों ने यहां पर डेरा डाला है. सबसे ऊंची उड़ान भरने वाला बार हेडेड गुस जहां गोबिंद सागर को गुलजार कर रहा है, वहीं स्वां नदी ब्लैक विंग स्टीम्ड सहित अन्य प्रजाति के प्रवासी पक्षियों की आवाज से चहक उठी है. वहीं वन विभाग विदेशी पक्षियों बारे लोगों को जागरूक करने के दावे कर रहा है.

गोबिंद सागर में पहुंचा बार हेडेड गुस

एक सरहद से दूसरी सरहद आने वाले इन प्रवासी पक्षियों ने सैंकड़ो की संख्या में ऊना की गोबिंद सागर झील और स्वां नदी पर डेरा डाला है. ऊना जिले की गोबिंद सागर झील और स्वां नदी इन प्रवासी पक्षियों के आने से गुलजार हो गई है और प्रवासी पक्षियों के आगमन से झील और नदी का क्षेत्र चहक उठा है.

स्वां नदी में दिखी ब्लैक विंग स्टीम्ड प्रजाति

गोबिंद सागर झील और स्वां नदी में पिछले कुछ बर्षो से प्रवासी पक्षी आ रहे हैं, लेकिन इनकी संख्या ना के बराबर ही होती थी, लेकिन इस दफा सैंकड़ो प्रवासी पक्षियों ने गोबिंद सागर झील और स्वां नदी को अपना पसंदीदा स्थल मानते हुए यहां पर डेरा डाला है. इन दोनों स्थानों पर प्रवासी पक्षियों की लगभग 10-12 प्रजातिया यहां देखने को मिल रही है. इनमें से गोबिंद सागर में सबसे ऊंची उड़ान भरने वाले बार हेडेड गूस भी देखने को मिला है, जबकि स्वां नदी में ब्लैक विंग स्टीम्ड सहित अन्य प्रजातियों के प्रवासी पक्षी अठखेलियां करते देखे जा रहे हैं. वन विभाग की माने तो सभी कर्मियों को इन पक्षियों बारे लोगों को जागरूक करने के साथ साथ पंछियों की प्रजातियों और संख्या की जानकारी भी एकत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं.

Swan River
सैंकड़ो प्रवासी पक्षियों ने गोबिंद सागर झील और स्वां नदी को अपना पसंदीदा स्थल मानते हुए यहां पर डेरा डाला है.


यहां ये विदेशी पक्षी भी आएइससे पहले इन प्रवासी पक्षियों का मनपसंद स्थल पांग झील ही हुआ करता था, लेकिन इस दफा प्रवासी पक्षियों ने शांतमय गोबिंद सागर और स्वां नदी को भी अपने लिए बेहतर स्थल चुना है. गोबिंद सागर और स्वां नदी में इस समय बत्तखों और जलकाग की कई किस्मों जैसे रूड़ी शेलडक, बार हेडेड, मलार्डस प्रमुख तौर पर देखी जा सकती है. इसके अलावा यहां पर पक्षियों की भी कुछ दुर्लभ प्रजातियां देखने को मिलती हैं, जिनमें रेड नेक्ड ग्रेव और गुल्लुज शामिल हैं. डीएफओ मृत्युंजय माधव की मानें तो प्रवासी पक्षी अक्सर कम गहराई वाली झील और नदियों का ही चयन करते हैं.

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First published: January 14, 2020, 1:45 PM IST
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