16 साल पुराने भर्ती घोटाले में पूर्व बोर्ड चेयरमैन एसएम कटवाल गिरफ़्तार

सजा के छह माह बाद भी अब तक उनका कुछ पता नहीं चल पाया था. अब जाकर उनकी गिरफ्तारी हुई है.

Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 11, 2018, 5:39 PM IST
16 साल पुराने भर्ती घोटाले में पूर्व बोर्ड चेयरमैन एसएम कटवाल गिरफ़्तार
सांकेतिक तस्वीर.
Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 11, 2018, 5:39 PM IST
हिमाचल प्रदेश में करीब 16 साल पहले तत्कालीन अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड में हुए भर्ती घोटाले में विजीलेंस की टीम ने पूर्व चेयरमैन एसएम कटवाल को गिरफ्तार किया. कटवाल को ऊना जिले से धरा गया है.

भर्ती घोटाले में कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया था. सजा के बावजूद पूर्व चेयरमैन एसएम कटवाल कई दिनों से भूमिगत थे. कोर्ट से कई दफा मोहल्लत मिलने के बाद भी उन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया. ऐसे में मंगलवार को विजिलेंस की टीम ने उन्हें ऊना से गिरफ़्तार कर लिया. कटवाल को गिरफ़्तार कर हमीरपुर कोर्ट में पेश किया गया. क़ाबिलेग़ौर है कि सुप्रीम कोर्ट से भी कटवाल की याचिका ख़ारिज हो गई थी. बावजूद उन्होंने सरेंडर नहीं किया.

ये है मामला
2001-02 में चिटों के आधार पर चयन बोर्ड ने भर्ती की. वर्ष 2004 में कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही इस मामले की जांच के आदेश दिए. सेशन कोर्ट हमीरपुर ने चार लोगों को दोषी करार देते हुए एक-एक साल की सजा सुनाई. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था.

दो आरोपी पहले ही कर चुके सरेंडर
ऊना के मदन गोपाल और चंबा के राकेश इस मामले में पहले ही आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जिन्हें जेल भेज दिया गया है. इसके अलावा, बोर्ड के तत्कालीन पूर्व मेंबर विद्यानाथ भी सरेंडर के बाद जेल में हैं.

चौथे दोषी कटवाल सजा के बावजूद आजाद घूम रहे थे. कोर्ट ने उन्हें भगोड़ा भी करार दिया था. सजा के छह माह बाद भी अब तक उनका कुछ पता नहीं चल पाया था. विजिलेंस की टीम ने उनके ऊना स्थित घर और दूसरी जगह पर तलाश को लेकर कई बार छापेमारी की थी.
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