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उड़ता हिमाचल! ऊना में 11 माह में चिट्टे के 48 मामले, 71 आरोपी गिरफ्तार

Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: November 22, 2019, 1:15 PM IST
उड़ता हिमाचल! ऊना में 11 माह में चिट्टे के 48 मामले, 71 आरोपी गिरफ्तार
हिमाचल में चिट्टे का सेवन बढ़ रहा है.

Drugs in Hiimachal: पुलिस ने 11 माह में चिट्टे के 48 मामले पकड़े हो, लेकिन इन 48 मामलों में पुलिस ने मात्र 185 ग्राम के करीब ही चिट्टा बरामद किया है. इससे साफ़ प्रतीत होता है कि चिट्टे का कोई बड़ा कारोबारी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है.

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ऊना. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) अब ‘उड़ता हिमाचल’ बनता जा रह है. यह हम नहीं, आंकड़े कह रहे हैं. हिमाचल की वादियों में चिट्टे (Heroine) की बयार बह रही है. इससे पहले सूबे में जहां चरस, अफीम, चूरापोस्त जैसे नशे के मामले सामने आते थे, लेकिन अब चिट्टे (हेरोइन) ने युवा पीढ़ी को अपनी जद्द में ले लिया है. खबर सूबे के ऊना जिले से है. कई युवा चिट्टे (Heroine) की ओवरडोज (Drug Overdose) के कारण मौत का ग्रास बन चुके है. पुलिस 11 माह में चिट्टे के 48 मामले दर्ज करके 71 आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे का दावा कर रही है, लेकिन अभी तक नशे एक भी बड़ा कारोबारी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है.

पंजाब से सटा जिला है ऊना
नशे का सबसे अधिक असर हिमाचल के सीमावर्ती क्षेत्रों में देखने को मिलता है ऊना का बहुत ज्यादा क्षेत्र पंजाब के साथ सटा हुआ है. ऊना में पिछले कुछ समय में ही करीब आधा दर्जन युवा नशे के कारण अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं. ऊना में पुलिस ने 2013 से लेकर 2018 तक चिट्टे के 67 मामलों में 86 आरोपियों को दबोचा था, लेकिन साल 2019 के मात्र 11 महीनों में ही पुलिस ने चिट्टे के 48 मामले दर्ज करके 71 आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है. इस साल पुलिस ने मादक द्रव्य अधिनियम के तहत 77 मामले पकड़े है जिसमें से 48 मामले केवल चिट्टे (हेरोइन) के ही है.

इतना नशा पकड़ा

पुलिस ने इन मामलों में 185 ग्राम और 120 मिलीग्राम चिट्टा बरामद किया है. पुलिस ने 6 किलो के करीब चरस, करीब 127 ग्राम अफीम, 14 किलो चूरापोस्त, 549 ग्राम गांजा और 10 हजार 338 नशीली गोलियां और कैप्सूल पकड़ने में सफलता हासिल की है.

यह बोले एएसपी ऊना
एएसपी ऊना विनोद धीमान की मानें तो पुलिस नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और खासतौर पर चिट्टे के खिलाफ विशेष अभियान छेड़ा गया है. एएसपी ऊना ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार चिट्टे के ज्यादा मामले सामने आए है. एएसपी ऊना विनोद धीमान भी मानते है कि पहले भुक्की, अफीम, चरस और गांजा जैसे नशे के मामले ज्यादा सामने आते थे, लेकिन अब युवा पीढ़ी सिंथेटिक ड्रग्स की गर्त में धंसती जा रही है. इसके पीछे का प्रकार के कारण माने जाते हैं, लेकिन सबसे बड़ा कारण जिला ऊना की ज्यादातर सीमा पंजाब के साथ लगना मानी जाती है.
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बड़ा कारोबारी नहीं आया पक़ड़ में
पुलिस ने 11 माह में चिट्टे के 48 मामले पकड़े हो, लेकिन इन 48 मामलों में पुलिस ने मात्र 185 ग्राम के करीब ही चिट्टा बरामद किया है. इससे साफ़ प्रतीत होता है कि चिट्टे का कोई बड़ा कारोबारी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है. एएसपी ऊना की मानें तो ऊना जिला में कम मात्रा वाले मामले ही पकड़े गए गए क्योंकि पंजाब बिलकुल साथ सटा हुआ है और अधिकतर लोग वहीँ पर नशे का सेवन कर लेते है और बहुत ही कम मात्रा में चिट्टा अपने लिए और बेचने के लिए लाते है. एएसपी ऊना की माने तो बॉर्डर पर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है और चिट्टे के आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है. ऊना का बुद्धिजीवी वर्ग भी मानता है कि चिट्टा एक बहुत ही गंभीर समस्या है. इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि युवा पीढ़ी नशे की दलदल में धंसने से बच सके.

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First published: November 22, 2019, 1:10 PM IST
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