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हिमाचल विधानसभा शीतकालीन सत्र रद्द: मुकेश अग्निहोत्री बोले- सवालों से बच रही जयराम सरकार

नेता प्रतिपक्ष ने जयराम सरकार पर कई आरोप लगाए.
नेता प्रतिपक्ष ने जयराम सरकार पर कई आरोप लगाए.

हिमाचल विधानसभा (Himachal Assembly) का शीतकालीन सत्र (Winter Session) रद्द करने पर नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने जयराम सरकार पर निशाना साथा. उन्होंने कहा कि यह सरकार पलटू और कमजोर नेतृत्व वाली है. असफलता पर जबाब देने से बचने की कोशिश की जा रही है. 

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ऊना: हिमाचल सरकार द्वारा विधानसभा (Himachal Assembly)  का शीतकालीन सत्र (Wintet Session) रद्द करने को लेकर नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भाजपा सरकार पर जमकर जुबानी बाण छोड़े है. ऊना में पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए नेता विपक्ष ने कहा कि कोरोना काल में अपनी असफलता का जबाब देने से बचने के लिए सरकार ने इस सत्र को रद्द किया है. वहीँ मुकेश ने सरकार को पलटू और कमजोर नेतृत्व वाली सरकार करार दिया है. मुकेश अग्निहोत्री का कहना है कि प्रदेश में पलटू सरकार व कमजार नेतृत्व है, जिसके चलते सरकार कोविड काल के साथ-साथ प्रदेश हित के मसलों का सामना करने से डर गई है और विधानसभा सत्र से ही भाग खड़ी हुई है.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विधानसभा सत्र को बुलाने का निर्णय प्रदेश सरकार ने ही किया था और हमने भी इस सत्र को करवाने की सहमति दी थी. मुकेश ने कहा कि सरकार की इस कोरोनाकाल में नाकामियों पर चर्चा होनी चाहिए लेकिन ये सरकार तो मैदान छोड़कर ही भागने लगी है. उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश को कोरोना डेस्टिेशन प्रदेश बना दिया है.

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सरकार पर लगाए आरोप
मुकेश अग्निहोत्री  का कहना है कि ये सरकार में जो कोरोना के मामले कम होने पर अपनी पीठ थपथपाते थे, आज वहीं जयराम कोरोना के बढ़ते आंकड़ो में देश के नंबर वन सीएम बन गए है. मुकेश ने कहा कि जिस प्रकार से कोरोना को निपटने में फैसलों को बदला गया और कोई भी फैसला 10-15 दिन नहीं चला, उसके चलते लगातार स्थितियां खराब हुई है. उन्होंने कहा कि यू टर्न की इस सरकार से प्रदेश की जनता का मोह भंग हो गया है.

कैबिनेट में लिया गया फैसला

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में राज्य में कोविड-19  महामारी की स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा की गई. मंत्रिमण्डल ने राज्य में कोविड-19 के मामलों की बढ़ती संख्या और समारोहों पर प्रतिबन्धों के कारण 7 से 11 दिसम्बर तक प्रस्तावित विधानसभा के शीतकालीन सत्र को रद्द करने का फैसला लिया. मंत्रिमण्डल ने ये भी निर्णय लिया है कि मंत्री, सांसद, विधायक कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं करेंगे. वे राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करते हुए वर्चुअल कार्यक्रम ही आयोजित कर पाएंगे. मंत्रिमण्डल ने निर्णय लिया है कि सभी सामाजिक समारोहों, जैसे विवाह, जन्मदिन पार्टी, मुण्डन इत्यादि के लिए उप-मण्डलाधिकारी की अनुमति अनिवार्य होगी.

सरकार ने मंत्रियों अपने-अपने जिलों में हिम सुरक्षा अभियान प्रभावी से लागू कराने की भी जिम्मेदारी दी है. कैबिनेट ने हिम सुरक्षा अभियान और एन्टी कोविड अभियान में महिला मण्डलों को शामिल करने का निर्णय लिया है.
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