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ऊना BJP कार्यालय के बाहर हंगामा, पार्षद के समर्थन में धरने पर कार्यकर्ता, हुई गाली-गलौज

ऊना में भाजपा दफ्तर के बाहर धरना.
ऊना में भाजपा दफ्तर के बाहर धरना.

भाजपा के युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अश्विनी कुमार को कार्यालय के सामने से धरना देने से हटा दिया और उन्हें वहां से घर जाने के लिए कह दिया. वहीं, विरोध होता देख अश्विनी कुमार भी घटनास्थल से अपना बोरिया बिस्तर लेकर चलते बने.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 23, 2021, 1:42 PM IST
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ऊना. हिमाचल प्रदेश के ऊना (Una) में भाजपा कार्यालय के बाहर शनिवार सुबह जमकर हंगामा बरपा. नगर परिषद ऊना के वार्ड नंबर 6 से छठी बार चुनाव जीते भाजपा समर्थित विनोद कुमार पूरी के समर्थन में शहर का ही एक भाजपा कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय के बाहर धरने पर आ बैठा. धरना देने वाले ऊना शहर निवासी अश्विनी कुमार का आरोप है कि नगर परिषद में 6 बार जीत दर्ज करने वाले विनोद कुमार पूरी को साजिश के चलते उपाध्यक्ष नहीं बनाया गया. इस दौरान भाजपा कार्यालय के बाहर धरने की खबर मिलते ही भाजपा के नेता मौके पर पहुंचे.

उन्होंने धरने पर बैठे अश्विनी कुमार को खरी-खोटी सुनाकर वहां से खदेड़ दिया. इतना नहीं पार्टी के एक वरिष्ठ नेता पवन ठाकुर भी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने भी अश्विनी कुमार का समर्थन करते हुए भाजपा पर कार्यकर्ताओं का सम्मान न करने का आरोप जड़ डाला.

क्या बोले कार्यकर्ता
पवन ठाकुर ने भी भाजपा नेताओं को कार्यकर्ताओं के अपमान को लेकर खरी-खोटी सुनाई. पूरे घटनाक्रम के दौरान जिला मुख्यालय के रोटरी चौक पर स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर जमकर गहमागहमी हुई, जिसके चलते सैकड़ों लोग वहां तमाशा देखने डटे रहे.
क्या आरोप लगाया


धरना देने वाले अश्विनी कुमार का आरोप है कि विनोद कुमार पूरी चुनाव दर चुनाव जीत दर्ज कर रहे हैं और पार्टी के प्रति वफादारी से काम कर रहे हैं, लेकिन पार्टी उन्हें वह सम्मान नहीं दे रही है, जिसके वे हकदार हैं. उन्होंने कहा कि विनोद कुमार पूरी नगर परिषद के उपाध्यक्ष पद के दावेदार थे और उन्हें ही उपाध्यक्ष भी बनाया जाना चाहिए था, लेकिन सुनियोजित षड्यंत्र के तहत विनोद कुमार पूरी से उपाध्यक्ष का पद छीन कर दूसरे पार्षद को दे दिया गया है. काफी देर तक हंगामा चलने के बाद भाजपा के युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अश्विनी कुमार को कार्यालय के सामने से धरना देने से हटा दिया और उन्हें वहां से घर जाने के लिए कह दिया. वहीं, विरोध होता देख अश्विनी कुमार भी घटनास्थल से अपना बोरिया बिस्तर लेकर चलते बने.
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