Corona Warrior: दिनेश के लिए संडे-मंडे के कोई मायने नहीं, लगातार कर रहे सेंपलिंग

रीजनल अस्पताल ऊना की लेबोरेटरी में सीनियर लैब टेक्नीशियन दिनेश.

रीजनल अस्पताल ऊना की लेबोरेटरी में सीनियर लैब टेक्नीशियन दिनेश.

Corona Warrior: दिनेश बन्याल कहते हैं कि इन परिस्थितियों में यही उनका कर्तव्य है, इस समय संपूर्ण समाज उन्हें अपने परिवार के रूप में दिखाई देता है. वर्तमान परिस्थितियों में हर व्यक्ति मुश्किल में है और यदि मुश्किल स्वास्थ्य संबंधी हो तो मुश्किल में घिरे व्यक्ति की मदद करना मेरा परम कर्तव्य है.

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ऊना. पिछले सवा साल से कोरोनावायरस (Corona virus) के साए में हर दिन फ्रंट पर रहकर काम करने वाले योद्धा से आपको मिलवाने जा रहे हैं. यह ऐसे फ्रंटलाइन वर्कर हैं जिनके लिए संडे या मंडे के कोई मायने नहीं रह जाते हैं. ऊना जिला (Una) पर कोविड-19 का साया पड़ने से लेकर आज दिन तक संक्रमण की पहचान करने के लिए फ्रंट लाइन पर रहकर सैंपलिंग (Sampling) करते आ रहे हैं. ऐसा नहीं है कि जिला में केवल मात्र एक ही स्थान पर संक्रमण की जांच के लिए सैंपल जुटाए जा रहे हैं, लेकिन रिजनल अस्पताल ऊना एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां पर एक ही व्यक्ति लगभग सवा साल से एक्टिव केस फाइंडिंग के तहत संक्रमितों के सैंपल जुटा रहा हैं. स्वास्थ्य विभाग में रियल हीरो की तरह काम करने वाले इस व्यक्ति का नाम दिनेश सिंह बन्याल है. रीजनल अस्पताल ऊना की लेबोरेटरी में सीनियर लैब टेक्नीशियन के पद पर सेवाएं देने वाले दिनेश सिंह इन विकट परिस्थितियों में भी बखूबी फर्ज को अंजाम देते हुए अन्य लोगों के लिए मिसाल बन कर सामने आए हैं.

लोगों को कर रहे प्रेरित

दुनिया भर में फैली महामारी कोविड-19 के बीच जहां लोग खुद को और अपने परिवार को सुरक्षा देने के लिए घरों में दुबक कर बैठने को मजबूर हो रहे हैं. सीनियर लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत दिनेश सिंह बन्याल ने साल 2020 में 31 मार्च के दिन जिला के नकड़ोह की मस्जिद में सबसे पहले सैंपल लिए थे. इसी पहले दिन से लेकर आज दिन तक दिनेश सिंह बिना कोई छुट्टी किए लगातार अस्पताल आ रहे हैं और रोजाना दर्जनों लोगों के सैंपल जांच के लिए जुटा रहे हैं.

क्या कहते हैं दिनेश
दिनेश बन्याल कहते हैं कि इन परिस्थितियों में यही उनका कर्तव्य है, इस समय संपूर्ण समाज उन्हें अपने परिवार के रूप में दिखाई देता है. वर्तमान परिस्थितियों में हर व्यक्ति मुश्किल में है और यदि मुश्किल स्वास्थ्य संबंधी हो तो मुश्किल में घिरे व्यक्ति की मदद करना मेरा परम कर्तव्य है. बायोकमिस्ट्री में पोस्ट ग्रेजुएट कर चुके दिनेश सिंह बन्याल के बारे में एक अन्य रोचक तथ्य भी है कि उनके अस्पताल में आने या जाने की कोई समय सीमा नहीं है, दिन हो या रात जब भी अस्पताल में किसी रोगी का कोरोनावायरस की जांच के लिए सैंपल जुटाने की जरूरत होती है तो यही दिनेश सिंह बन्याल एक फरिश्ते की तरह तुरंत प्रकट हो जाते हैं. दिनेश सिंह के परिवार के लोग भी उनके फर्ज की राहों में कभी कोई बाधा खड़ी नहीं करते हैं, बल्कि कोरोनावायरस काल के पहले दिल से लेकर आज दिन तक उन्हें परिवार से केवल मात्र प्रोत्साहन ही मिला है. इसी प्रोत्साहन के दम पर वह हर दिन अपने फर्ज को बखूबी अंजाम देकर अन्य लोगों के लिए भी एक मिसाल कायम कर रहे हैं.

सीएम ने जताई खुशी

दिनेश बन्याल की सेवाओं से सीएमओ ऊना डॉ. रमन शर्मा भी संतुष्ट है. सीएमओ ऊना ने कहा कि कोरोना काल के शुरू से ही दिनेश बन्याल इस क्षेत्र में बेहतर सेवायें दे रहे है. उन्होंने कहा कि दिनेश सिंह बन्याल बहुत ही मेहनत और लगन से अपने कार्य को अंजाम देते है और इस कोरोनाकाल में उन्होंने एक दिन भी छुट्टी नहीं की है.

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