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ऊना में खनन माफिया: आधी रात को सड़कों पर निकले कांग्रेस MLA रायजादा, ट्रक रोके

सांकेतिक तस्वीर.
सांकेतिक तस्वीर.

Mining Mafia in Una: उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सरकार और प्रशासन ने इस और ध्यान ना दिया तो उन्हें मजबूरन जन आंदोलन खड़ा करते हुए सरकार और प्रशासन की पोल खोलनी पड़ेगी।

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ऊना. हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में सदर से कांग्रेसी विधायक (Congress MLA) सतपाल सिंह रायजादा ने खनन माफिया को लेकर सरकार और प्रशासन पर जोरदार हमला बोला है. रायजादा ने सोम-मंगलवार की आधी रात को खुद सड़कों पर उतर कर खनन सामग्री से भरे कई टिप्परों को रोका. इस दौरान उन्होंने टिप्परों का निरीक्षण भी किया. विधायक ने आरोप जड़ा की क्षमता से अधिक माल लोड करके खनन माफिया को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि सरकार और प्रशासन माफिया के साथ मिलीभगत के चलते इन पर लगाम कसने की बजाय इन्हें संरक्षण प्रदान कर रहे हैं.

कांग्रेस करेगी आंदोलन

विधायक ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही खनन माफिया पर लगाम ना कसी गई तो कांग्रेस सड़कों पर उतर जन आंदोलन खड़ा करेगी. इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की होगी. इस दौरान रायजादा ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पर गंभीर आरोप जड़े. सोमवार और मंगलवार की आधी रात सतपाल सिंह रायजादा ने विधानसभा क्षेत्र के संतोषगढ़ रोड पर खनन सामग्री से भरे टिप्परों को रोक कर खुद निरीक्षण किया। रायजादा ने आरोप जड़ा की टिप्परों में क्षमता से अधिक खनन सामग्री लोड की गई है. वहीँ, उन्होंने रात के अँधेरे में खनन गतिविधियों को लेकर भी प्रशासन को निशाने पर लिया.



सरकार-जिला प्रशासन और खनन माफिया में सांठगांठ
रायजादा ने कहा कि ऐसा तभी हो रहा है जब सरकार और जिला प्रशासन की खनन माफिया के साथ पूरी तरह से सांठगांठ हो रखी है. उन्होंने कहा कि आज आम आदमी का सड़कों पर चलना दूभर हो गया है. पुलिस प्रशासन सड़कों पर चल रहे स्थानीय नागरिकों को रोककर उनके वाहनों के चालान कर रही है. बिना मास्क के यदि कोई गरीब आदमी भी मिल जाए तो उससे भी एक हजार रुपये उगाहे जा रहे हैं. लेकिन जिला की तमाम खड्डों और लाइफलाइन कही जाने वाली सोमभद्रा नदी का सीना पीले पंजे से छलनी कर खनन की गतिविधियों में जुटे माफिया पर कोई लगाम नहीं कसी जा रही. रायजादा ने कहा कि जिला में रात भर खनन माफिया दनदनाता फिर रहा है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सरकार और प्रशासन ने इस और ध्यान ना दिया तो उन्हें मजबूरन जन आंदोलन खड़ा करते हुए सरकार और प्रशासन की पोल खोलनी पड़ेगी।
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