ऊना: घंडावल सोसायटी सचिव ने ब्याज की अधिक रकम वसूली, ऑडिट टीम के समक्ष हंगामा
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ऊना: घंडावल सोसायटी सचिव ने ब्याज की अधिक रकम वसूली, ऑडिट टीम के समक्ष हंगामा
सांकेतिक तस्वीर.

Loan scam in Una: सहकारी सभाएं के ऑडिटर उमेश ने कहा कि अभी तक करीब 300 खाते चेक किए गए हैं, जिसमें पाया गया किया कि लोन खाताधारकों की वसूली में ब्याज कहीं कम तो कही ज्यादा लिया गया है.

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ऊना. हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना (Una) में गांव स्तर पर काम कर रही सहकारी सभा समितियों पर पिछले कुछ अरसे से गड़बड़ियों के आरोप लगते आ रहे हैं. अब दी घंडावल कृषि सेवा सहकारी सभा समिति के सचिव पर लोन (Loan) धारकों से अधिक पैसे (Money) वसूलने के आरोप लगे हैं. वहीँ अपने ऊपर लग रहे आरोपों को सचिव ने भी सही माना है. पूरे मामले (case) की जांच शुरू कर दी गई है और अधिकारी भी प्राथमिक जांच में सचिव पर लगे आरोपों (Allegations) को सही मान रहे हैं.

क्या हैं आरोप

आरोप है कि सचिव पिछले कई वर्षों से लोन धारकों से ब्याज की अधिक रकम वसूल कर रहा है, जबकि सोसाइटी के खाते में ब्याज की रकम काम जमा हुई है. इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में पहुंचने के बाद सहकारी सभाएं विभाग की एक टीम सोसायटी पहुंची. इस दौरान उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया. उपभोक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने के बाद सचिव पर कार्रवाई की जाए. इसके अलावा उपभोक्ताओं ने सचिव को तुरंत पद से हटाने की भी मांग उठाई. घंटों तक चली ऑडिट जांच के दौरान पाया गया कि खासकर लोन धारकों के खातों से हेरफेर हुई है. पासबुक में कुछ ओर एंट्री, तो सभा के खाते में कुछ ओर एंट्री है.



क्या बोले खाताधारक
सभा से लोन लेने वाले खाताधारकों की माने तो जब उन्होंने अपने खातों की जांच करवाई, तो पता चला कि लोन खातों से अधिक ब्याज लिया गया है, जो कि सोसायटी के अकाउंट में कम दर्ज किया गया है, जबकि पासबुक कॉपी में दर्ज है. उपभोक्ताओं ने विभाग से मांग है कि जिसने ऐसा काम किया है, उसे पदमुक्त किया जाए और कार्रवाई अमल लाई जाये.

आरोपी ने मानी गलती

सोसायटी के सचिव सतीश कुमार ने उपभोक्ताओं के आरोपों को सही माना. उन्होंने कहा कि लोन धारकों की पॉसबुक व हमारी स्टेटमेंट में काफी अंतर है. वाऊचर में धारको ने हस्ताक्षर किए हैं. कंप्यूटर स्टेटमेंट में सही मिलान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लिखने में काफी गलतियां हुई हैं, जिसे मैं मानता हूं. उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी होगा, उसकी भरपाई के लिए भी मैं तैयार हूं.

मामला ध्यान में है-प्रधान

सोसायटी के प्रधान गुरदियाल सिंह ने कहा कि 18 जुलाई को मामला ध्यान में है, जिसकी जांच के लिए सभाएं ऑडिटर को बोला गया, जिसके बाद खाते में गड़बड़ी सामने आई. इसके बाद अन्य खाताधारकों की जांच की गई, तो कई गड़बडिय़ा पाई गई हैं. उन्होंने कहा कि ये पूरा काम सचिव का है. इससे पहले भी चेतावनी देकर छोड़ा गया था. उन्होंने कहा कि जांच के लिए रि-ऑडिट की भी मांग की गई है. उन्होंने कहा कि एक केस ऐसा भी आया है जिसमें खाताधारक के खाते में 50 हजार की एंट्री थी, लेकिन रजिस्ट्रर में एंट्री नहीं थी.

अब तक 300 खातों की जांच

सोसाइटी में जांच के लिए पहुंचे सहकारी सभाएं के ऑडिटर उमेश ने कहा कि अभी तक करीब 300 खाते चेक किए गए हैं, जिसमें पाया गया किया कि लोन खाताधारकों की वसूली में ब्याज कहीं कम तो कही ज्यादा लिया गया है. उन्होंने कहा कि हो सकता कंप्यूटर सॉफ्टवेयर से ऐसा हुआ होगा, जिसकी जांच की जाएगी, उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे खाते भी हैं, जिसमें गडबडी पाई गई है.
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