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OMG! 91 साल पुराने ऊना स्कूल में मिला प्राचीन ग्रंथ 'महाभारतदर्प्पण', भाषा बनी चर्चा

ऊना के स्कूल में मिला एक ग्रंथ.

ऊना के स्कूल में मिला एक ग्रंथ.

वर्ष 1928 में जिला ऊना के हरोली क्षेत्र के तहत गांव खड्ड में स्कूल की स्थापना की गई थी. स्कूल का स्टोर वर्षों से बंद था. स्टोर से जब खराब पड़े सामान को निकाला गया तो उसमें एक संदूक से ग्रंथ मिला. हालांकि, इसके कुछ पन्ने चूहों ने कुतर दिए हैं,

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 26, 2021, 10:45 AM IST
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ऊना. हिमाचल प्रदेश के ऊना (Una) जिले में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खड्ड में प्राचीन महाभारत दर्पण ग्रंथ मिला है. स्कूल के स्टोर से एक संदूक से यह ग्रंथ (Book) मिला है. जब स्कूल प्रशासन ने खोला तो उसमें यह ग्रंथ मिला. इसके कुछ पन्नों को चूहों ने कुतर दिया है. इस ग्रंथ को देखकर स्कूल का स्टाफ भी हैरान है. स्कूल (School) में मिले इस ग्रंथ को सहेज कर रखा गया है और इसकी जानकारी शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को दी गई है.

कब लिखा गया गया ग्रंथ?
पड़ताल और अवलोकन के बाद ही यह पता चल पाएगा कि आखिर यह ग्रंथ कब लिखा गया है और इसकी मूल भाषा कौन सी है. प्रिंसिपल और अन्य ने जब इसकी इस ग्रंथ की पड़ताल में पता चला है कि यह यह काफी पुराना है. साथ ही इसमें अंकित भाषा ना तो हिंदी है और न ही यह संस्कृत है. ऐसे में हर कोई हैरान है.

पेज पर क्या लिखा?
ग्रंथ के कवर पेज पर महाभारत दर्प्पण  प्रथम भाग लिखा गया है. इसमें आदि सभा वन पर्व का उल्लेख किया गया है. इस ग्रंथ में महाराजाधिराज श्री उदित नारायण काशीराज द्वारा स्वरचित का उल्लेख भी किया गया है. इसके आगे का पूरा विवरण किस भाषा में है, इसकी जानकारी तभी मिलेगी, जब इसका पूरा अवलोकन किया जाएगा.



91 साल पहला खुला है स्कूल
वर्ष 1928 में जिला ऊना के हरोली क्षेत्र के तहत गांव खड्ड में स्कूल की स्थापना की गई थी. मीडिया से बातचीत में प्रिंसिपल हरीश साहनी ने बताया कि स्कूल का स्टोर वर्षों से बंद था. स्टोर से जब खराब पड़े सामान को निकाला गया तो उसमें एक संदूक से ग्रंथ मिला. हालांकि, इसके कुछ पन्ने चूहों ने कुतर दिए हैं, लेकिन 75 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा बचा हुआ है. इसमें अंकित भाषा का पता नहीं चल पाया है.
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