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सौर सिंचाई योजना किसानों के लिए बना वरदान, बचने लगा बिजली बिल व डीजल का खर्च

Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: December 13, 2019, 3:46 PM IST
सौर सिंचाई योजना किसानों के लिए बना वरदान, बचने लगा बिजली बिल व डीजल का खर्च
सौर सिंचाई योजना योजना अपनाने के बाद से किसानों को सालाना लाखों रुपये की बचत हो रही है.

हिमाचल सरकार द्वारा शुरू की गई सौर सिंचाई योजना (Solar irrigation scheme) ऊना के किसानों (Farmers of Una) के लिए वरदान (Boon) साबित हो रही है. कृषि उप निदेशक की माने तो किसान सौर ऊर्जा संयत्र (Solar power plant) से अपने ट्यूबवेल (Tube Well) को चलाने के साथ ही इसी सयंत्र से पैदा होने वाली अधिक बिजली विद्युत विभाग को भी बेच सकते हैं.

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ऊना. खेतों में किसानों के खर्चे में कमी करने के उद्देश्य से हिमाचल सरकार द्वारा शुरू की गई सौर सिंचाई योजना (Solar irrigation scheme) ऊना के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है. जिला ऊना (Una) में 45 किसानों (Farmers) ने सौर ऊर्जा के माध्यम से खेतों की सिंचाई (Farm irrigation) शुरू कर दी है. सौर ऊर्जा (Solar energy) से ट्यूबवेल (Tube well) चलाने से किसानों को बिजली के बिलों व डीजल के अत्यधिक खर्च से निजात मिल गई है. इस योजना को अपनाकर किसानों को सालाना लाखों रुपये की बचत हो रही है. सौर सिंचाई योजना के तहत किसानों को सोलर पैनल संयत्र (Solar panel plant) खरीदने के लिए सरकारी अनुदान भी दिया जा रहा है.

ऊना में 45 किसानों ने सौर सिंचाई योजना को अपनाया

मोदी सरकार ने वर्ष 2022 तक देश के किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है. इसी दिशा में हिमाचल सरकार ने कदम उठाते हुए प्रदेश में सौर सिंचाई योजना शुरू की है. इस योजना के तहत खेतों में सिंचाई के लिए सोलर पैनल संयत्र स्थापित करने के लिए किसानों को प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान भी
दिया जा रहा है. ऊना जिला के किसान सौर सिंचाई योजना का पूरा लाभ उठा रहे हैं. ऊना जिला में करीब 45 किसानों ने सौर सिंचाई योजना को अपना लिया है. सौर ऊर्जा के माध्यम से खेतों की सिंचाई होने से किसानों को बिजली के भारी भरकम बिलों और डीजल के खर्च से छुटकारा मिल गया है.

सौर सिंचाई योजना अपनाने से होने लगी बचत

इससे पहले ज्यादातर ट्यूबवेल बिजली या डीजल इंजन से ही चलाए जाते थे, लेकिन सौर सिंचाई योजना को अपनाने से किसानों के लाखों रुपये बचने लगे हैं. किसानों की माने तो सौर सिंचाई योजना उनके लिए काफी फायदेमंद है. सौर सिंचाई योजना के सोलर पैनल लगाने में कोई मुश्किल नहीं आती और इससे
पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है. हालांकि किसानों ने एक बात यह भी कही कि धूप खिलने पर ही यह योजना काम कर पाती है. किसानों ने कहा कि अगर सौर ऊर्जा द्वारा बन रही बिजली को स्टोर करने की सुविधा मिल जाए तो किसान किसी भी समय खेतों की सिंचाई कर सकते हैं.

किसान पैदा हुई अधिक बिजली विद्युत विभाग को भी बेच सकेंगे

कृषि विभाग के उप निदेशक सुरेश कपूर की माने तो प्रदेश सरकार द्वारा जिला ऊना में सौर सिंचाई योजना के लिए 2 करोड़ 80 लाख का बजट मुहैया करवाया गया है. इसके तहत कृषि विभाग द्वारा एक करोड़ 25 लाख रुपये खर्च करके करीब 45 किसानों को इस योजना का लाभ दिया गया है. कृषि
अधिकारी ने बताया कि किसान इस योजना के प्रति काफी आकर्षित हो रहे हैं. कृषि उप निदेशक की माने तो किसान सौर ऊर्जा संयत्र से अपने ट्यूबवेल को चलाने के साथ ही इसी सयंत्र से पैदा होने वाली अधिक बिजली विद्युत विभाग को भी बेच भी सकते हैं.

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First published: December 13, 2019, 3:23 PM IST
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