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ITPB इंस्पेक्टर मर्डर केस: क्लच वायर से घोंटा था गला, तीन दोषियों को आजीवन कारावास
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Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: February 28, 2020, 12:20 PM IST
ITPB इंस्पेक्टर मर्डर केस: क्लच वायर से घोंटा था गला, तीन दोषियों को आजीवन कारावास
ऊना में आईटीबीपी के रिटायर इंस्पेक्टर के मर्डर केस के तीनों दोषी.

Una Murder Case: अभियोजन पक्ष द्वारा इस मामले में अदालत में 56 गवाह पेश किए गए. गत दिवस अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रीति ठाकुर ने सारे साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए तीनों आरोपियों को हत्या के लिए दोषी करार दिया.

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ऊना. हिमाचल प्रदेश के ऊना (Una) जिले के गगरेट क्षेत्र के बहुचर्चित कश्मीर हत्याकांड (Una Kashmir Murder Case) में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है. इस ब्लाइंड मर्डर (Blind Murder Case) की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस को भी खासा पसीना बहाना पड़ा था. अब अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रीति ठाकुर ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपियों को दोषी (Convict) करार दिया.

ये हैं दोषी और इतनी सजा हुई
जानकारी के अनुसार, दोषियों में पंजाब के होशियारपुर निवासी अमरेंद्र नागरा, युवराज और गगरेट निवासी विशाल बंसल शामिल हैं. मामले की पैरवी जिला न्यायवादी भीषम पाल और अतिरिक्त जिला न्यायवादी संजय पंडित ने की. अदालत ने तीनों दोषियों को धारा-302 के तहत आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माना, धारा 120-बी के तहत आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माना, धारा-341 के तहत 7-7 साल कठोर कारावास 20-20 हजार रूपये जुर्माना और धारा-201 के तहत 3-3 साल साधारण कारावास और 5-5 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई गई.

आईटीबीपी से सेवानिवृत थे कश्मीर सिंह



जिला न्यायवादी भीष्म पाल ने बताया कि आईटीबीपी से सेवानिवृत इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह रिटायरमेंट के बाद गगरेट कस्बे में ही करियाना की दुकान चलाते थे. 25 मार्च 2016 की रात करीब साढ़े आठ बजे कश्मीर सिंह रोजाना की तरह दुकान बंद कर मवा सिंधियां स्थित अपने घर जा रहे थे. इसी दौरान विशाल बंसल ने अपनी कार से उनका पीछा किया और अपने दोनां साथियों अमरेंद्र नागरा और युवराज को कश्मीर सिंह की कार में लिफ्ट दिलवा दी. सभी कश्मीर सिंह की जान पहचान के थे, इसलिए उन्होंने दोनों को गाड़ी में बिठा लिया.

आईटीबीपी से सेवानिवृत इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह करियाना दुकान चलाते थे. (File Photo)
आईटीबीपी से सेवानिवृत इंस्पेक्टर कश्मीर सिंह करियाना दुकान चलाते थे. (File Photo)


क्लच वायर से दबाया था गला
लिफ्ट लेने के बाद करीब 200 मीटर आगे बढ़ने के बाद युवराज और अमरेंद्र ने गाड़ी रुकवाकर क्लच वायर से कश्मीर सिंह का गला दबा दिया, जबकि हथौड़े से उसके सिर पर वार भी किए गए, जिससे उनकी मौत हो गई. हत्या के बाद आरोपी उनके शव को गगरेट-होशियारपुर रोड पर गहरी खाई में फेंक कर उनकी कार उड़ा ले गए थे. ब्लाइंड मर्डर की इस गुत्थी को सुलझाना पुलिस के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं था, लेकिन लंबी पड़ताल के बाद एसआईटी ने इस हत्याकांड में शामिल होशियारपुर के अमरेंद्र नागरा और युवराज सिंह को गिरफ्तार किया. उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मृतक कश्मीर सिंह की कार होशियारपुर से ही बरामद कर ली थी.

पूछताछ में बताया किसने रची थी साजिश
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में अमरेंद्र नागरा व युवराज सिंह ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था और उन्होंने पुलिस को बताया था कि इस हत्याकांड की साजिश गगरेट के विशाल बंसल ने रची थी, जिस पर पुलिस ने विशाल बंसल को भी गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस द्वारा इस मामले में न्यायालय में चालान पेश करने के बाद जिला न्यायवादी भीष्म ठाकुर व अतिरिक्त जिला न्यायवादी संजय पंडित ने इस मामले की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में पैरवी की. अभियोजन पक्ष द्वारा इस मामले में अदालत में 56 गवाह पेश किए गए. गत दिवस अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रीति ठाकुर ने सारे साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए तीनों आरोपियों को हत्या के लिए दोषी करार दिया.

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First published: February 28, 2020, 12:20 PM IST
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