ऊना : तीन घंटे की बारिश में करोड़ों का नुकसान

शुक्रवार को ऊना में हुई बारिश ने पिछले आठ सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. करीब तीन घंटे तक पड़ी मूसलाधार बारिश से ऊना जिला में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे.

Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 3, 2019, 7:47 PM IST
Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 3, 2019, 7:47 PM IST
शुक्रवार को ऊना में हुई बारिश ने पिछले आठ सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. करीब तीन घंटे तक पड़ी मूसलाधार बारिश से ऊना जिला में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे. लोगों के घरों के साथ दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में घुसे बारिश के पानी से काफी बरबादी हुई. सरकारी दफ्तरों के साथ ही जिला सचिवालय और जिला न्यायालय में भी जलभराव होने से खासा नुकसान हुआ. कोर्ट और एसपी कार्यालय में रखे सरकारी दस्तावेज भी पानी की भेंट चढ़ गए. वहीं ऊना शहर में जगह जगह जलभराव होने से लोगों को काफी नुकसान हुआ है. अभी भी लोगों को नारकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है.

बता दें कि ऊना शहर में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है. पिछले कई सालों से एक-दो घंटों की बारिश ही ऊना शहर में जमकर तांडव मचा देती है. घरों और दुकानों में बरसाती पानी घुसने के कुछ दिन बाद तक नेता और संबंधित अधिकारी इस समस्या के शीघ्र समाधान के वायदें करते हैं. लेकिन जैसे जैसे समय बीतता है सब अपने वायदों को भूल जाते हैं. इस वजह से फिर अगले साल बरसाती पानी का वो ही कहर ऊना वासियों को झेलना पड़ता है.

प्रशासन से शीघ्र समाधान की अपील

डीसी ने कहा कि शुक्रवार को हुई बारिश के बाद प्रशासन ने फौरी कदम तो उठा लिए थे, लेकिन इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए विशेष कदम उठाने की आवश्यकता है.


बता दें कि शुक्रवार को हुई बरसात के बाद बरसाती पानी का दंश झेलने वाले लोगों का अगले ही दिन डीसी कार्यालय में अपनी समस्या के हल के लिए आना जाना लगा रहा. स्थानीय लोगों ने तो प्रशासन से समस्या के समाधान या फिर आत्मदाह की अनुमति देने की मांग उठानी शुरू कर दी है.

ऊना के डीसी संदीप कुमार की माने तो सामान्य तौर पर ऊना में 11 से 12 मीमी बारिश होती है. लेकिन शुक्रवार को 176 मीमी बारिश रिकॉर्ड की गई. डीसी की माने तो ऊना शहर के नीचले हिस्से में जलभराव की समस्या पेश आ रही है. इसका मुख्य कारण ड्रेनेज सिस्टम ब्लॉक होना और लोगों द्वारा पानी के फ्लो को रोककर बेतरतीब तरीके से भवनों का निर्माण करना है. डीसी ने कहा कि शुक्रवार को हुई बारिश के बाद प्रशासन ने फौरी कदम तो उठा लिए थे, लेकिन इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए विशेष कदम उठाने की आवश्यकता है. इसके लिए जल्द ही प्रशासन स्थानीय वाशिंदों के साथ वार्ता कर विशेष योजना तैयार करेगा.

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First published: August 3, 2019, 7:21 PM IST
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