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हिमाचल में सड़क हादसे में लापरवाही: कार्यकारी SHO, सब इंस्पेक्टर सहित 3 सस्पेंड

Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: February 4, 2020, 3:30 PM IST
हिमाचल में सड़क हादसे में लापरवाही: कार्यकारी SHO, सब इंस्पेक्टर सहित 3 सस्पेंड
ऊना पुलिस के तीन कर्मियों को सस्पेंड किया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Three Policemen suspended in Una: एसपी दिवाकर शर्मा को सौंपी रिपोर्ट में डीएसपी हरोली अनिल मैहता ने बताया कि टिप्पर 22 से 27 जनवरी तक घटनास्थल पर खड़ा था. यदि टिप्पर यहां से हटा लिया गया होता तो हादसा नहीं होता.

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ऊना. हिमाचल प्रदेश के ऊना (Una) जिले में एसपी बड़ी कार्रवाई की है. एसपी (SP Una) ने कार्यकारी एसएचओ (SHO), सब इंस्पेक्टर (Sub Inspector) और ट्रैफिक इंजार्ज (Traffic Incharge) को सस्पेंड कर कर दिया है. तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं. मामला सड़क हादसे (Road Accident) से जुड़ा है. आरोप है कि इन तीनों पुलिस कर्मियों ने लापरवाही और असंवेदनहीनता दिखाई, जिसकी गाज अब गिरी है.

जानकारी के अनुसार, ऊना के एसपी दिवाकर शर्मा ने गगरेट के कार्यकारी एसएचओ, सब-इंस्पेक्टर और ट्रैफिक इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया है. तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी करते हुए डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक वर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है. बता दें कि गगरेट के ट्रैफिक इंचार्ज को पहल ही लाइन हाजिर किया जा चुका है.

रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की
इन पुलिस कर्मियों के खिलाफ यह कार्रवाई डीएसपी हरोली अनिल कुमार मैहता की जांच रिपोर्ट के बाद की गई है. रिपोर्ट में लिखा गया है कि हादसे के लिए इन अधिकारियों की लापरवाही और संवेदनहीनता जिम्मेदार है.

एक सप्ताह से सड़क किनारे खड़ा था टिप्पर
जानकारी के अनुसार, गगरेट के साथ अंबोटा में बीते 27 जनवरी को खड़े टिप्पर से बाइक टकरा गई थी. इसमें स्थानीय युवक की मौत हो गई थी. परिजनों ने युवक का शव सड़क पर रखकर जाम भी लगाया था. हादसे में बाइक सवार संजय कुमार की मौत हुई थी. आरोप है कि टिप्पर 22 जनवरी से घटनास्थल पर खड़ा था और टिप्पर ने सड़क का करीब 3 से 4 फुट एरिया भी कवर कर रखा था. फिर भी पुलिस ने टिप्पर को मौके से हटवाया नहीं. संजय की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने चक्का जाम करते हुए खड़े टिप्पर का मामला पुलिस और प्रशासन के ध्यान में लाया था. हरकत में आए एसपी ऊना ने पुलिस टीम के साथ मौके का मुआयना करते हुए डीएसपी हरोली को मामले की जांच का जिम्मा सौंपते हुए हफ्ते भर में रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए थे.

यह लिखा है रिपोर्ट मेंएसपी दिवाकर शर्मा को सौंपी रिपोर्ट में डीएसपी हरोली अनिल मैहता ने बताया कि टिप्पर 22 से 27 जनवरी तक घटनास्थल पर खड़ा था. यदि टिप्पर यहां से हटा लिया गया होता तो हादसा नहीं होता. रिपोर्ट में कहा गया है कि गगरेट के ट्रैफिक इंचार्ज ने 22 जनवरी को ही इस टिप्पर को देख लिया था. इतना ही नहीं, वह 22 से 27 जनवरी तक नियमित रूप से इस स्थान पर आता-जाता था. लेकिन टिप्पर को हटाने का कोई प्रयास नहीं किया. 2 जनवरी को इस टिप्पर का चालान किया गया. जांच रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि 22 जनवरी और उसके बाद थाना गगरेट के कार्यकारी एसएचओ और एक अन्य सब इंस्पेक्टर भी इस जगह से गुजरते रहे, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया. बाद में टिप्पर को संजय कुमार की मौत के मात्र 24 घंटे के भीतर घटनास्थल से हटवा दिया गया.

27 जनवरी को हुए हादसे के बाद लोगों ने सड़क जाम भी की थी. (FILE PHOT)
27 जनवरी को हुए हादसे के बाद लोगों ने सड़क जाम भी की थी. (FILE PHOT)


यह बोले एसपी दिवाकर
एसपी दिवाकर शर्मा ने कहा कि पुलिस का यह कर्तव्य बनता था कि सड़क पर खड़े टिप्पर से हादसों के बचाव के लिए पुलिस को नाइट रिफ्लेक्टर्स, बैरिकेड्स या कोन लगाने चाहिए थे, जिससे आने-जाने वालों को आसानी से टिप्पर के खड़े होने का एहसास होता. लेकिन, पुलिस के अधिकारियों ने लापरवाही और संवेदनहीनता का परिचय दिया है. इसके चलते तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिसका जिम्मा डीएसपी हेडक्वार्टर अशोक वर्मा को सौंपा गया है.

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First published: February 4, 2020, 3:25 PM IST
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