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कूड़ा संयंत्र प्लांट के लगने से ऊना जिला होगा कचरा मुक्त, सहयोग करे सरकार

Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: February 7, 2020, 4:19 PM IST
कूड़ा संयंत्र प्लांट के लगने से ऊना जिला होगा कचरा मुक्त, सहयोग करे सरकार
ऊना- जर्मनी की एजी डॉटर्स कंपनी ने हर कीमत पर ऊना में कूड़ा संयंत्र लगाने का किया दावा.

कंपनी के एमडी ने कहा कि प्लांट से न धुआं (Smoke) निकलेगा और न ही कूड़ा कचरा फैलेगा. जिस तकनीक का कूड़ा संयंत्र प्लांट (Garbage Plant) में प्रयोग किया जाना है वो तकनीक नासा (NASA) जैसे क्षेत्र में प्रयोग हो रही है.

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ऊना. जिले में 400 करोड़ का विदेशी निवेश करने की इच्छा जताने वाली जर्मनी की एजी डॉटर्स कंपनी हिमाचल सरकार की ओर से सहयोग न मिल पाने को लेकर खासी आहत है. कंपनी के अधिकारियों ने आज नगर परिषद अध्यक्ष अमरजोत सिंह बेदी के साथ बैठक कर ऊना (Una) में कूड़ा संयंत्र प्लांट (Garbage Plant) स्थापित करने के दावे को दोहराया. कंपनी के एमडी अजय गिरोत्रा ने कहा कि अगर सरकार की ओर से प्लांट लगाने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं करवाई जाती है तो कंपनी निजी भूमि लेकर प्लांट स्थापित करने का प्रयास करेगी. बेदी ने प्रदेश सरकार से इस प्लांट को स्थापित करवाने के लिए सहयोग की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस प्लांट के स्थापित होने से ऊना जिला कचरा मुक्त (Garbage Free) होगा.

ग्रामीणों ने के विरोध के चलते नहीं लगा प्रोजेक्ट

जुलाई 2018 में ऊना जिला में जर्मनी की कंपनी एजी डॉटर्स ने नगर परिषद ऊना के साथ एमओयू साइन करके सॉलिड वेस्ट एनर्जी प्रोजेक्ट लगाने की इच्छा व्यक्त की थी. इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी ने सरकार से प्लांट लगाने के लिए 8 से 10 हजार स्क्वायर मीटर भूमि की मांग की थी, जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा एक गांव में भूमि उपलब्ध करवाई गई, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण उस स्थान पर प्रोजेक्ट नहीं लग पाया.

कंपनी ने निजी स्तर प्लांट लगाने की इच्छा जाहिर की

इसके बाद अन्य स्थानों पर भूमि के लिए अनेक बार फाइल इधर से उधर घूमती रही और बाद में उद्योग विभाग से बात चली और इस प्रोजेक्ट के लिए पंडोगा इंडस्ट्री एरिया में दो प्लॉट देखे गए, लेकिन फिर बात नहीं बनी. कंपनी के एमडी अजय गिरोत्रा ने कहा कि अगर सरकार उन्हें प्लांट लगाने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं करवाती है तो कंपनी निजी स्तर पर ऊना जिला में इस प्लांट को स्थापित करेगी.

जुलाई 2018 में ऊना जिला में जर्मनी की कंपनी एजी डॉटर्स ने नगर परिषद के साथ एमओयू साइन करके सॉलिड वेस्ट एनर्जी प्रोजेक्ट लगाने की इच्छा व्यक्त की थी.


प्लांट से न धुआं निकलेगा और न ही कूड़ा कचरा फैलेगाउद्योग विभाग द्वारा इस प्लांट को लगाने के लिए दिलचस्पी न दिखाने पर कंपनी के एमडी अजय गिरोत्रा ने विश्वास दिलाया कि उनके इस प्लांट से न ही धुआं निकलेगा और न ही कूड़ा कचरा फैलेगा. उन्होंने कहा कि जिस तकनीक का इस प्लांट में प्रयोग किया जाना है वो तकनीक नासा जैसे क्षेत्र में प्रयोग हो रही है. उन्होंने कहा कि अगर प्लांट लगाने के बाबजूद उनके प्लांट से कोई मुश्किल पैदा होती है तो विभाग अगले दिन ही उनके प्लांट को बंद करवा सकती है.

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First published: February 7, 2020, 4:19 PM IST
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