ऊना में फर्जी लोन घोटाले में तीन आरोपी गिरफ्तार, रिमांड पर भेजे गए

लोन में घोटाला.
लोन में घोटाला.

Una Bank Loan Scam: विजिलेंस के एएसपी सागर चंद्र शर्मा ने बताया कि केस दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है.

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  • Last Updated: September 30, 2020, 9:49 AM IST
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ऊना. हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में पॉलीहाउस लोन घोटाले (Poly House Loan Scam) में विजिलेंस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार (Arrest) किया है. तीनों आरोपियों को विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड (Police Remand) पर भेज दिया गया है. गौरतलब है कि विजिलेंस की टीम ने पॉली हाउस लोन घोटाले में दूसरा मामला दर्ज करके 3 लोगों को गिरफ्तार किया था. इन तीनों पर पॉलीहाउस लगाने के नाम पर लाखों की हेराफेरी करने का आरोप है.

क्या है मामला
कांगड़ा केंद्रीय कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड गगरेट पंजावर व गोंदपुर बनेहड़ा की शाखाओं में श्रृंखलाबद्ध तरीके से हुए पॉली हाउस लोन को लेकर घोटाला हुआ था. मार्च 2020 में केसीसी बैंक ने इन घोटालों की जांच के लिए विजिलेंस को एक शिकायत पत्र सौंपा गया था. इस पर जांच शुरू करते हुए विजिलेंस ने बैंक की गगरेट ब्रांच द्वारा जारी फर्जी लोन मामले एफआईआर दर्ज करके 3 गिरफ्तारियां की गई थी. इसमें पोली हाउस घोटाला श्रृंखला का मास्टरमाइंड कुलदीप चंद शामिल है.

क्या बोली विजिलेंस
विजिलेंस के एएसपी सागर चंद्र शर्मा ने बताया 16 मार्च 2015 को केसीसी की गगरेट ब्रांच से पॉलीहाउस का 15 लाख का लोन फर्जी तरीके से बलविंदर सिंह निवासी कुठेड़ा जसवालां के नाम जारी किया गया था. उसी दिन इस लोन का 11 लाख 26 हजार रुपया मैनेजर व कुलदीप चंद्र की मिलीभगत से मदन लाल निवासी प्रताप नगर तहसील अंब के खाते में डाल कर निकाल लिए गए. इसके बाद 31 मार्च 2015 को बचा हुआ 3.74 लाख रुपया भी दिनेश कुमार निवासी कुठेड़ा जसवालां के खाते में डाल कर गबन कर लिया गया, जबकि बलविंदर सिंह को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही पॉलीहाउस बनाया गया. उसके नाम का 15 लाख का लोन गबन कर दिया गया, जो कि करीब 23 लाख रुपया उसके नाम से खड़ा है. कुलदीप चंद व मैनेजर ने बलविंदर सिंह के नाम से एक और लोन 5 लाख रुपए का केसीसी बैंक की शाखा गोंदपुर बनेेहड़ा में फर्जी तरीके से शटरिंग खरीदने के नाम पर जारी करके गबन कर दिया.



नोटिस मिलने के बाद खुलासा
इसके बारे में भी बलविंदर सिंह को बाद में पता चला, जब उसे बैंक से नोटिस आने लगे. इसके चलते विजिलेंस ने इस लोन घोटाले के मास्टरमाइंड कुलदीप चंद्र के साथ ही मदन लाल तथा दिनेश कुमार को भी गिरफ्तार किया है. विजिलेंस के एएसपी सागर चंद्र शर्मा ने बताया कि केस दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है.
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