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फूलों की खेती से मालामाल हुआ हिमाचल का ये किसान, MBA पास बेटे ने भी दिखाई रुचि

Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: October 18, 2019, 5:31 PM IST
फूलों की खेती से मालामाल हुआ हिमाचल का ये किसान, MBA पास बेटे ने भी दिखाई रुचि
ऊना का किसान.

उद्यान विभाग के उप-निदेशक डॉ. सुभाष चंद ने कहा कि पुष्प क्रांति योजना के तहत सरकारी मदद प्राप्त करने के लिए उद्यान विभाग के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है.

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ऊना. हिमाचल प्रदेश सरकार (Himachal Government) की पुष्प क्रांति योजना के अंतर्गत पॉली हाउस लगाकर जिला ऊना (Una) के त्यार निवासी किसान दीनानाथ सालाना लाखों रुपए की कमाई कर रहे हैं. सरकार की योजना का लाभ लेकर 69 वर्षीय दीनानाथ ने वर्ष 2017 में 1000 वर्ग मीटर में लगभग 6000 जरबेरा के पौधे लगाकर फूलों की खेती (Flower Plantation) शुरू की.

अब वह सालाना लगभग 2.50 लाख फूल बाजार में बेच रहे हैं. अपने पहले पॉली हाउस की कामयाबी से गद्गद् दीनानाथ ने एक हज़ार वर्ग मीटर में दूसरा पॉलीहाउस भी लगा लिया है, जिसमें फूलों का उत्पादन भी शुरू हो गया. उन्होंने बताया कि वह जरबेरा फूल एचआरटीसी (Hrtc Bus) बसों के माध्यम से चंडीगढ़ तथा दिल्ली (Delhi) की मंडियों में भेजते गैं.

एमबीए पास बेटा भी दिखा रहा रुचि
किसान दीनानाथ के परिवार को फूलों की खेती से अच्छी आमदनी हासिल हो रही है. यही वजह है कि उनका 34 वर्षीय बेटा हरीश कुमार भी एमबीए करने के बाद फूलों की खेती में रुचि दिखा रहा है. बेटे की इच्छा के अनुसार ही उन्होंने अब दूसरा पॉलीहाउस लगा लिया और वह आगे भी इसका विस्तार करना चाहते हैं.

सरकार से मिली सब्सिडी
किसान दीनानाथ का कहना है कि पॉलीहाउस लगाने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से उन्हें 85 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की गई. साथ ही उद्यान विभाग की ओर से उन्हें समय-समय पर तकनीकी सहायता भी प्रदान की जाती है. विभाग के विशेषज्ञ उन्हें दवाओं से लेकर खाद के प्रयोग के बारे में बताते हैं और प्रशिक्षण के साथ-साथ एक्सपोजर विजिट पर भी ले जाया जाता है. फूलों की खेती में इस्तेमाल होने वाले पावर स्प्रेयर की खरीद पर भी उन्हें सब्सिडी मिली है.

ऊना के किसान द्वारा तैयार किए गए फूल.
ऊना के किसान द्वारा तैयार किए गए फूल.

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मिलती है मदद
त्यार निवासी दीनानाथ ने कहा कि पॉलीहाउस तकनीक की मदद से फसलों की उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ जाती है. साथ ही तापमान को नियंत्रित कर तथा संरक्षित वातावरण में किसी भी स्थान पर साल भर खेती संभव है और इस तकनीक के माध्यम से बहुत कम क्षेत्र में फसल का बेहतर उत्पादन कर अच्छी कमाई की जा सकती है. ड्रिप के माध्यम से ही पौधों को पानी तथा खाद दी जाती है, जिससे पानी की बचत भी होती है.

त्यार निवासी दीनानाथ ने कहा कि पॉलीहाउस तकनीक की मदद से फसलों की उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ जाती है.
त्यार निवासी दीनानाथ ने कहा कि पॉलीहाउस तकनीक की मदद से फसलों की उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ जाती है.


यह बोला विभाग
उद्यान विभाग के उप-निदेशक डॉ. सुभाष चंद ने कहा कि पुष्प क्रांति योजना के तहत सरकारी मदद प्राप्त करने के लिए उद्यान विभाग के कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है. पुष्प क्रांति योजना में उच्च तकनीक वाले पॉलीहाउस लगाने के लिए वित्तीय मदद प्रदान की जाती है. विभाग पॉलीहाउस लगाने में रुचि रखने वाले किसानों को प्रशिक्षण के साथ-साथ हर संभव मदद प्रदान करता है. जिला ऊना में 50 हैक्टेयर भूमि में गुलाब और जरवेरा फूलों की खेती की जा रही है.

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First published: October 18, 2019, 5:28 PM IST
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