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una forest guard rajesh kumar cremated after died due to burn injuries in pgi chandigarh hpvk

जंगल की आग में झुलसने के बाद शहीद हुए वनरक्षक राजेश का अंतिम संस्कार, बेटे को मिलेगी सरकारी नौकरी

अंतिम यात्रा में वन मंत्री राकेश पठानिया भी पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया.

अंतिम यात्रा में वन मंत्री राकेश पठानिया भी पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया.

ऊना में 20 मई को वन कर्मचारियों के साथ सैली बीट के जंगल में लगी आग में राजेश कुमार आग बुरी तरह झुलस गए थे. आग बुझाते समय वह 90 फीसदी झुलस गए और उन्हें ऊना से चंडीगढ़ पीजीआई भेजा गया था.

हाइलाइट्स

ऊना में 20 मई को वन कर्मचारियों के साथ सैली बीट के जंगल में लगी आग में राजेश कुमार आग बुरी तरह झुलस गए थे.
आग बुझाते समय वह 90 फीसदी झुलस गए और उन्हें ऊना से चंडीगढ़ पीजीआई भेजा गया था.

ऊना. हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के बंगाणा उपमंडल के तहत सैली में जंगल में लगी आग बुझाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वन रक्षक राजेश कुमार का उनके पैतृक गांव बदोली में बुधवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. उनकी अंतिम यात्रा में वन मंत्री राकेश पठानिया भी पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया.

इस दौरान डीसी राघव शर्मा, एसपी अर्जित सेन ठाकुर और वन मंडल अधिकारी मृत्युंजय माधव समेत तमाम विभागीय प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी भी राजेश कुमार की अंतिम यात्रा में शामिल हुए और उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए. राजेश कुमार शर्मा की अंतिम यात्रा में वन विभाग के सैकड़ों कर्मचारी भी शामिल हुए. इस दौरान राजेश कुमार अमर रहे और जब तक सूरज चांद रहेगा राजेश कुमार का नाम रहेगा किनारों से समूचा क्षेत्र गुंजायमान रहा.

वन संपदा को आगजनी से बचाने के प्रयास में जांबाज वनरक्षक राजेश कुमार शर्मा की पीजीआई में सोमवार रात को निधन हो गयाथा. बुधवार को उनके पैतृक गांव बदोली में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद वन मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि राजेश कुमार ने कर्तव्य परायणता का परिचय देते हुए अपने फर्ज के लिए कुर्बानी दी है और प्रदेश सरकार उन्हें शहीद का दर्जा देगी. यह मामला कैबिनेट में ले जाया जाएगा और सरकार शहीद के परिवार से एक सदस्य को नौकरी भी प्रदान करेगी. साथ ही पत्नी को नियमानुसार पेंशन भी प्रदान की जाएगी. उन्होंने कहा कि वन रक्षक राजेश कुमार के परिवार को प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन ऊना हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है.

90 फीसदी झुलसा था राजेश
ऊना में 20 मई को वन कर्मचारियों के साथ सैली बीट के जंगल में लगी आग में राजेश कुमार आग बुरी तरह झुलस गए थे. आग बुझाते समय वह 90 फीसदी झुलस गए और उन्हें ऊना से चंडीगढ़ पीजीआई भेजा गया था. वहां 22 मई की शाम को उनकी मौत हो गई थी. वनरक्षक राजेश कुमार और उनके साथ दो फायर वाचर आग बुझाने में लगे थे. राजेश कुमार वन विभाग में चतुर्थ श्रेणी में कार्यरत थे और पिछले वर्ष ही ये पदोन्नत होकर वनरक्षक बने थे. ऊना के गांव बदोली के रहने वाले राजेश इसी साल जनवरी में वनरक्षक के पद के लिए चयनित हुए थे. मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखने वाले राजेश के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं.

Tags: Fire, Forest fire, Himachal pradesh

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