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कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने आज ऊना में निकाली ट्रैक्टर रैली, केंद्र के खिलाफ की नारेबाजी

हिमाचल प्रदेश के ऊना में किसानों ने नए कृषि कानूनों के विरोध में ट्रैक्टर रैली निकालकर अपना रोष जताया
हिमाचल प्रदेश के ऊना में किसानों ने नए कृषि कानूनों के विरोध में ट्रैक्टर रैली निकालकर अपना रोष जताया

किसानों की ट्रैक्टर रैली (Tractor Rally) दुलैहड़ से शुरू होकर टाहलीवाल, संतोषगढ़, मैहतपुर से होती हुई जिला मुख्यालय पर पहुंची. रैली में ट्रैक्टर के अलावा कार और दोपहिया वाहन भी शामिल थे. रैली में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 27, 2021, 5:32 PM IST
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ऊना. नए कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर किसानों का रोष बढ़ता जा रहा है. इसे रद्द करने की मांग को लेकर किसान पिछले दो महीने से ज्यादा समय से दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे हुए हैं. आंदोलनकारी किसानों के समर्थन में बुधवार को हिमाचल प्रदेश के ऊना (Una) में किसानों ने रोष रैली निकाली. सैकड़ों की संख्या में किसानों ने ट्रैक्टर, कार और बाइक पर सवार होकर हरोली उपमंडल के दुलैहड़ से लेकर जिला मुख्यालय तक रैली (Tractor Rally) निकाली. इस दौरान किसानों ने किसानों और मजदूरों के पक्ष में नारे लगाए वहीं केंद्र सरकार के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की.

किसानों की ट्रैक्टर रैली दुलैहड़ से शुरू होकर टाहलीवाल, संतोषगढ़, मैहतपुर से होती हुई जिला मुख्यालय पर पहुंची. रैली में ट्रैक्टर के अलावा कार और दोपहिया वाहन भी शामिल थे. रैली में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. किसानों ने केंद्र सरकार से कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि जब तक ऐसा नहीं होता, वो आंदोलन जारी रखेंगे.

रैली में शामिल संतोषगढ़ नगर के पूर्व पार्षद रविकांत बस्सी ने कहा कि जब तक कृषि कानून कानून वापस नहीं लिए जाते, तब तक किसानों का यह रोष प्रदर्शन जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि किसान पिछले दो माह से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार किसानों की मांगों की अनदेखी कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि गणतंत्र दिवस पर लाल किला में जो घटनाक्रम हुआ, वो केंद्र सरकार द्वारा सुनियोजित था. उन्होंने यह भी कहा कि किसान संगठनों का इसमें कोई हाथ नहीं है. केंद्र सरकार किसानों को बदनाम करने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रही है.
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