ऊना: 200 बैड के अस्पताल में सिर्फ डाक्टरों की 22 पोस्ट खाली

निखिल सहोड़, जिला स्वास्थ्य अधिकारी भी मानते है कि क्षेत्रीय अस्पताल में 100 बैड की संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है, लेकिन स्टॉफ में कोई इजाफा नहीं हो पाया है.

Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 16, 2019, 4:35 PM IST
ऊना: 200 बैड के अस्पताल में सिर्फ डाक्टरों की 22 पोस्ट खाली
ऊना का सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के कई पोस्ट खाली हैं.
Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: July 16, 2019, 4:35 PM IST
हिमाचल प्रदेश के ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल इन दिनों डाक्टरों सहित अन्य स्टाफ कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है. 200 बैड के अस्पताल में 100 बैड की ही सुविधा है.  अस्पताल में डाक्टरों के जितने पद सृजित हैं, उनमें से भी पांच डॉक्टरों की कमी चल रही है, जबकि हड्डी रोग विशेषज्ञ और त्वचा रोग विशेषज्ञ न होने से लोगों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है. वहीं, जिला ऊना में डाक्टरों के 22 पद रिक्त पड़े हुए है. क्षेत्रीय अस्पताल में क्लर्क के 5 तो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 11 पद खाली चल रहे हैं. स्थानीय लोगों ने अस्पतालों में रिक्त पदों को भरने की मांग उठाई है, ताकि लोगों को सरकारी अस्पतालों का लाभ मिल सके.

पांच लाख लोग हैं जिले में
स्वास्थ्य क्षेत्र में अब्बल रहने का दावा करने वाले स्वास्थ्य विभाग की पोल ऊना जिला में खुलती देखी जा सकती है. करीब साढ़े 5 लाख की जनसंख्या वाले जिला ऊना में स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों के 113 पद सृजित किये हुए हैं, जबकि जिला में सिर्फ 91 चिकित्सक ही सेवाएं दे रहे हैं. क्षेत्रीय अस्पताल में डाक्टरों के 5 पद खाली है. इसके अलावा क्लर्क के पांच और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 11 पद खाली हैं.

इतने मरीज आते हैं

क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना 600 से 700 मरीज अपना उपचार करवाने आते है लेकिन डाक्टरों की कमी के चलते मरीजों और उनके तीमारदारों को घंटों अपनी बारी का इन्तजार करना पड़ता है. वहीँ पिछले लंबे अरसे से अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ न होने के कारण छोटे से छोटे हादसे के बाद अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को तो सीधा पीजीआई रैफर किया जाता है.

वहीँ स्किन स्पेशलिस्ट भी पिछले लंबे समय से तैनात नहीं किया गया है. डाक्टरों की कमी के चलते लोगों को निजी अस्पतालों का रूख करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था के कारण लोगों को अपनी गाढ़ी कमाई निजी अस्पतालों में लुटानी पड़ रही है. स्थानीय लोगों ने सरकार से अस्पतालों में डाक्टरों की कमी दूर करने की मांग उठाई है.

अस्पताल का प्रमोशन, लेकिन स्टाफ नहीं बढ़ा
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निखिल सहोड़, जिला स्वास्थ्य अधिकारी भी मानते है कि क्षेत्रीय अस्पताल में 100 बैड की संख्या बढ़ाकर 200 कर दी गई है, लेकिन स्टॉफ में कोई इजाफा नहीं हो पाया है. स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि इस मामले को सरकार के समक्ष उठाया गया है और शीघ्र ही इस समस्या के समाधान की आशा है.

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First published: July 16, 2019, 4:31 PM IST
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