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ऊना के प्राइवेट अस्पताल पर जबरन इलाज का आरोप, पहले भी विवादों में रहा है अस्पताल
Una News in Hindi

Amit Sharma | News18 Himachal Pradesh
Updated: February 27, 2020, 5:40 PM IST
ऊना के प्राइवेट अस्पताल पर जबरन इलाज का आरोप, पहले भी विवादों में रहा है अस्पताल
ऊना में निजी अस्पताल के बाहर बीते बुधवार को हंगामा हुआ था. (FILE PHOTO)

नैया शर्मा ने बताया कि शिशुरोग विशेषज्ञ ने मुझे काफी टॉर्चर किया. उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने न हमें समरी शीट दी और न ही कोई ट्रीटमेंट शीट दी है.

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ऊना. हिमाचल प्रदेश के ऊना (Una) के एक नामी निजी शिशु अस्पताल (Children Hospital) का विवादों से नाता गहराता जा रहा है, दो बच्चों की मौत को लेकर परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगाए थे. गुरुवार को उसी डॉक्टर (Doctor) का जबरन इलाज करने का आरोप लगा है.

ऊना जिला के ही सुनेहरा गांव की एक महिला ने शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक पर उसके बेटे का जबरदस्ती इलाज करने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत की है. पीड़ित महिला ने 3 फरवरी को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर यह शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग जांच में जुटा है. उधर, गुरुवार को सामने आये दोनों मामलों की भी परिजनों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवा दी है.

‘मौत के बाद किया था रेफर’
बुधवार को ऊना के निजी शिशु अस्पताल पर मौत के बाद बच्चे को पीजीआई रेफर करने और एक अन्य मामले में डाक्टर की लापरवाही से बच्चे की मौत के आरोप लगे थे. अब शिशु रोग विशेषज्ञ पर एक महिला ने धमकी के साथ-साथ बेटे को जबरदस्ती दो दिन तक उपचार देने के आरोप लगाए हैं. महिला ने 3 फरवरी को चिकित्सक की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर करते हुए शिशु रोग विशेषज्ञ पर कार्रवाई करने की मांग उठाई है.



सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत


वहीँ बुधवार को सामने आए दो बच्चो की मौत के मामलों की भी परिजनों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवा दी है. सुनेहरा निवासी नैया शर्मा का आरोप है कि 12 जनवरी को उसने प्राईवेट अस्तपाल में बेटे को जन्म दिया. डिलीवरी के बाद बेटे की तबीयत खराब बताई गई और साथ लगते बच्चों के अस्पताल भेज दिया. नैया शर्मा का कहना है कि मुझे दो घंटे बाद बेटे को वापिस करने की बात कही गई थी, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी बेटे का शिशु रोग विशेषज्ञ उपचार करते रहे. पीडि़ता ने बताया कि शिशु रोग विशेषज्ञ ने बेटे को सांस की शिकायत बताते हुए उपचार किया. उन्होंने कहा कि दो दिन बीत जाने के बाद भी बेटे को शिशुरोग विशेषज्ञ छुट्टी नहीं दे रहा था, जहां से जबरदस्ती बेटे को लेकर मोहाली के एक निजी अस्पताल ले गए.

डॉक्टर ने किया टॉर्चर
नैया शर्मा ने बताया कि शिशुरोग विशेषज्ञ ने मुझे काफी टॉर्चर किया. उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने न हमें समरी शीट दी और न ही कोई ट्रीटमेंट शीट दी है. उन्होंने बताया कि बच्चे को वहां से ले जाने को लेकर शिशु रोग विशेषज्ञ ने मेरे खिलाफ FIR दर्ज करवाने की धमकी भी दी. बता दें कि गत दिवस शिशु रोग विशेषज्ञ पर मौत के बाद बच्चों को पीजीआई रेफर करने का आरोप लगाते हुए दो परिवारों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा करते हुए नारेबाजी की थी.

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First published: February 27, 2020, 5:40 PM IST
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