घर पर छत नहीं, फिर भी अखबार बेचकर 3 बेटियों को पढ़ा रहे योगराज

9 फरवरी को घर में हुई आगजनी की घटना ने इस परिवार से वो छत भी छीन ली. अब यह परिवार भरी सर्दी और बारिश में कच्चे मकान पर एक तिरपाल के सहारे जिंदगी काटने को मजबूर है.

Amit Sharma | News18Hindi
Updated: February 15, 2018, 12:03 PM IST
घर पर छत नहीं, फिर भी अखबार बेचकर 3 बेटियों को पढ़ा रहे योगराज
ऊना के योगराज का घर.
Amit Sharma | News18Hindi
Updated: February 15, 2018, 12:03 PM IST
ऊना के गांव लोअर बसाल का एक परिवार बिना छत के घर में रहने को मजबूर है. कुछ दिन पहले तक योगराज के एक पुराने कच्चे कमरे पर टीन की छत तो थी, लेकिन 9 फरवरी को घर में लगी आग ने उसके परिवार से वो भी छीन ली.

इसके बाद योगराज को ना ही आज तक मुआवज़ा मिल पाया और ना ही बीपीएल परिवार को मिलने वाला आवास. बेशक, योगराज को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है, लेकिन योगराज सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को सफल कर रहा है. योगराज के तीन बेटियां है, जिन्हें उच्च शिक्षा दिलाने से योगराज कभी पीछे नहीं हटा.

11 साल से बीपीएल सूची में शामिल हैं योगराज
बेशक सरकार ने गरीब परिवारों को सिर ढकने के लिए आवास योजना चलाई जा रही है, लेकिन 11 साल से बीपीएल सूची में शामिल जिला ऊना के गांव लोअर बसाल के योगराज को आज दिन तक इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया हैय अखबार बेचकर गुजर बसर करने वाले योगराज का पांच सदस्यीय परिवार कुछ दिन पहले तक हंसी ख़ुशी कच्चे मकान में टीन की छत के नीचे रह रहा था.

मुआवजे में पंचायत से मिले दो हजार रुपए
9 फरवरी को घर में हुई आगजनी की घटना ने इस परिवार से वो छत भी छीन ली. अब यह परिवार भरी सर्दी और बारिश में कच्चे मकान पर एक तिरपाल के सहारे जिंदगी काटने को मजबूर है. घर में लगी के आग के मुआवजे के नाम पर योगराज को पंचायत की ओर से मात्र 2,000 रुपये की मदद की गई. योगराज की मानें तो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि लेने के लिए उसने कई बार हाथ पैर मारे, लेकिन हर बार अगली सूची में उसका नाम आने का आश्वासन ही मिला.

बेटियों को पढ़ाई से नहीं रखा वंचित
सरकार की योजनाओं का लोअर बसाल के योगराज को कोई लाभ न मिला हो. लेकिन योगराज सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मुहिम को सार्थक कर रहा है. गरीबी के दौर में योगराज अपनी तीन बेटियों को पढ़ाई से वंचित नहीं रखना चाहते हैं. योगराज की एक बेटी बीएससी प्रथम बर्ष की छात्रा है. वहीं, दूसरी बेटी 11वीं तो तीसरी बेटी 9वीं की पढ़ाई कर रही है. अखबार बेचकर अपने परिवार का पेट पालने वाले योगराज के बेटियों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने का जज्बा बाकई में सलाम योग्य है.

‘घर शौचालय न होने के चलते नहीं मिला लाभ’
ग्राम पंचायत लोअर बसाल के प्रधान देस राज से बात की गई तो उन्होंने कहा कि योगराज के घर में शौचालय ना होने के कारण उसका आवास योजना का पैसा सैंशन नहीं हो पाया था. पंचायत प्रधान ने कहा कि आवास योजना की अगली सूची में योगराज को अवश्य लाभ दिलवाया जायेगा.
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