अपना शहर चुनें

States

इस शख्स ने की राष्ट्रपति से जल्लाद बनने की सिफारिश, कहा-'अपने खर्चे पर रेपिस्टों को दूंगा फांसी'

ऊना के युवक संजीव ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर जल्लाद बनने की सिफारिश की है.
ऊना के युवक संजीव ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर जल्लाद बनने की सिफारिश की है.

ऊना के संजीव कुमार वर्मा (Sanjeev Kumar Verma) ने कार्यकारी डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति (President of India) को पत्र भेजकर जल्लाद के पद पर सेवाएं देने की मांग की है. वहीं संजीव ने देश के किसी भी कोने में अपने खर्चे पर जाकर बलात्कार (Rapist) के दोषियों को फांसी (Hang till death) देने की बात कही है.

  • Share this:
ऊना. देश में बढ़ रही बलात्कार (Rape) की घटनाओं को लेकर लोगों में खासा रोष देखने को मिल रहा है. लोगों में बलात्कारियों को समय पर फांसी नहीं मिलने को लेकर भी लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है. यही वजह है कि देश के कई हिस्सों से लोगों ने खुद को जल्लाद बनाने की सिफारिशी चिट्ठी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President of India)  को लिखनी शुरू कर दी है. ऐसे में ऊना के संतोषगढ़ का एक युवक संजीव कुमार वर्मा  (Sanjeev Kumar Verma) ने भी राष्ट्रपति को पत्र लिखा है. ऊना का संजीव कुमार वर्मा पेशे से व्यवसायी है. संजीव कुमार राष्ट्रीय स्तर का निशानेबाज भी है. संजीव कुमार वर्मा ने कार्यकारी डीसी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को पत्र भेजकर जल्लाद के पद पर सेवाएं देने की मांग की है. वहीं संजीव ने देश के किसी भी कोने में अपने खर्चे पर जाकर बलात्कार के दोषियों को फांसी देने की बात कही है.

राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज हैं संजीव 

संजीव कुमार वर्मा शनिवार को डीसी कार्यालय पहुंच गया. संजीव बलात्कारियों को फांसी देने की गुहार लेकर डीसी ऊना से मिलने आया था. ऊना के संतोषगढ़ कस्बे का रहने वाला संजीव कुमार वर्मा ऑटो वर्कशॉप और स्पेयर पार्ट की दुकान चलाता था. वहीं संजीव कुमार निशानेबाजी में राष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी भी है, लेकिन देश में बलात्कारियों को फांसी नहीं होने के पीछे जल्लाद नहीं होने का कारण पता लगते ही संजीव के दिल में बलात्कारियों को फांसी पर लटकाने के लिए जल्लाद के पद पर सेवाएं देने की इच्छा जागृत हो गई.



संजीव एक बेटी के पिता हैं
एक बेटी के बाप संजीव वर्मा ने बलात्कारियों को सजा में हो रही देरी की वजह को देखते हुए इस पद पर सेवाएं देने की इच्छा जाहिर की है. संजीव ने कहा कि अगर उन्हें जल्लाद के पद सेवा देने का मौक़ा मिलता है तो वो देश के किसी भी कोने में अपने खर्चे पर जाकर सेवाएं देने को तैयार है.



यह भी पढ़ें: 'न्यूगल' पर हजारों खर्च कर पुल बनाते ग्रामीण, सरकार सुनती नहीं, बरसात बहा ले जाती है

मेरे बलिदान को भूली BJP, 1998 में सरकार के निर्माता हम थे: रमेश ध्वाला
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज