शिमला में खत्म नहीं हुआ जल संकट और पानी की दरें बढ़ाएगा निगम

पानी के सैंपल फेल

पानी के सैंपल फेल

शिमला शहर में 31 हजार के करीब पानी के उपभोक्ता हैं. इनमें 7 हजार कमर्शियल, जबकि 24 हजार उपभोक्ता घरेलू हैं. शहर में मीटरिंग का काम पूरा न होने की वजह से निगम प्रशासन ज्यादातर घरेलू उपभोक्ताओं को फ्लैट रेट के आधार पर पानी के बिल देता है.

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हिमाचल प्रदेश की राजधानी जल संकट किस कदर तक जूझी ये देश से लेकर दुनिया ने देखा. ऐसे में शहर को पानी देने में नाकाम रहा नगर निगम अब शिमला वासियों को झटका देने जा रहा है. अब भी शहर के कई इलाकों में पेयजल पहुंचाने में नाकाम निगम अब पानी की दरें बढ़ाने जा रहा है. निगम पानी की दरों को बढ़ाने के लिए निगम का स्पेशल सेशन बुलाया है. शुक्रवार को इस पर मुहर लग सकती है.



दस फीसदी बढ़ेंगी दरें

डिप्टी मेयर राकेश शर्मा ने बताया कि हर साल सरकार की ओर से पानी की दरों में 10 फीसदी बढौतरी की जाती है. इसे अप्रैल माह में ही बढ़ाया जाता है, लेकिन इस बार अप्रैल माह में इन दरों को बढ़ाने पर मुहर नहीं लग पाई है.



अब इसी मामले पर शुक्रवार को स्पेशल हाउस बुलाया गया है, जिसके बाद पानी की दरों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी निगम ने पानी की दरों को बढ़ाने के लिए निगम की मासिक बैठक में प्रस्ताव लाया था, लेकिन सदन की सहमती न होने के कारण इस पर मुहर नहीं लग पाई. उन्होंने बताया कि शहर में पानी की स्थिति अब सामान्य हो चुकी है.
पहली बार इतने लीटर तक फ्री मिलेगा पानी



शुक्रवार को होने वाले निगम के स्पेशल हाउस में नगर निगम ने पहली बार अपने प्रस्ताव में फ्री पानी देने का प्रावधान किया है. इसके लिए स्लैब तैयार किया है. इसके तहत यदि आप महीने में 3000 लीटर पानी का ही इस्तेमाल करते हैं तो आपको महीने में पानी का बिल अदा नहीं करना होगा. घरेलू उपभोक्ता तीन हजार से 20000 लीटर तक महीने में पानी इस्तेमाल करने पर पानी की दर 14.50 प्रति हजार लीटर की दर से बिल वसूला जाएगा.



20 से 30 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल करने पर 20 रुपए और तीस हजार लीटर से ज्यादा पानी महीने में इस्तेमाल करने पर तीस रुपए प्रति हजार लीटर से बिल दिया जाएगा.



वहीं, यदि कोई घरेलू उपभोक्ता कमर्शियल गतिविधियों के लिए पानी को प्रयोग करता हुआ पाया जाता है तो उसके उपर 10 हजार रुपए की पैनल्टी का प्रावधान भी रखा गया है. अब देखना होगा कि इस विशेष सदन में लोगों को पार्षदों की ओर से राहत मिलती है या नहीं.



शिमला शहर में 31 हजार उपभोक्ता

शिमला शहर में 31 हजार के करीब पानी के उपभोक्ता हैं. इनमें 7 हजार कमर्शियल, जबकि 24 हजार उपभोक्ता घरेलू हैं. शहर में मीटरिंग का काम पूरा न होने की वजह से निगम प्रशासन ज्यादातर घरेलू उपभोक्ताओं को फ्लैट रेट के आधार पर पानी के बिल देता है.



कमर्शियल उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग के आधार पर पानी का बिल चुकाना पड़ता है, जिन उपभोक्ताओं के पानी के मीटर खराब हैं, उनसे भी नगर निगम प्रशासन फ्लैट रेट के आधार पर बिलों की वसूली करता है.



23 हजार नए मीटर लगाने का काम पूरा

शहर में लगभग 23 हजार पानी के नए मीटर लगाने का काम पूरा कर लिया गया है. अब प्रशासन इन नए मीटरों की रीडिंग के आधार पर पानी के बिल जारी करेगा. बिल जमा न करवाने, ओवरफ्लो टंकियां होने और प्राइवेट लाइन में लीकेज होने पर काटे गए कनेक्शन को पुन: बहाल करने के लिए 2500 रुपए जमा करवाने होंगे.



इसके अलावा पानी के मीटर के चोरी होने पर उपभोक्ता को इसकी सूचना निगम प्रशासन को जल्द देनी होगी. इसके बाद उपभोक्ता के पास पानी का नया मीटर लगाया जाएगा, जिसकी भरपाई उपभोक्ता को 5 किश्तों में पूरी करनी होगी.

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