बरगद के इस पेड़ के नीचे लगता था शेयर बाजार, ऐसे होते थे सौदे, पूरे एशिया की रहती थी नजर..!

क्‍या आपको पता है देश की इकॉनॉमी का इंडीकेटर मुंबई शेयर बाजार, पहले एक बरगद के पेड़ के नीचे से चलता था। एशिया के इस प्राचीन शेयर बाजार पर सबकी नजर रहती थी..!

News18India.com
Updated: May 17, 2016, 1:51 PM IST
बरगद के इस पेड़ के नीचे लगता था शेयर बाजार, ऐसे होते थे सौदे, पूरे एशिया की रहती थी नजर..!
क्‍या आपको पता है देश की इकॉनॉमी का इंडीकेटर मुंबई शेयर बाजार, पहले एक बरगद के पेड़ के नीचे से चलता था। एशिया के इस प्राचीन शेयर बाजार पर सबकी नजर रहती थी..!
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Updated: May 17, 2016, 1:51 PM IST
भारत दुनिया की सर्वाधिक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्‍था है। यह इतना बड़ा बाजार है कि पूरी दुनिया की नजर इस पर लगी हुई है। भारत के इकॉनॉमी के इंडीकेटर यानी की बीएसई सेंसेक्‍स और एनएसई ने बीते दो सालों ने लगातार छलांग ही लगाई है। इसमें भी बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज जो देश की अर्थव्‍यवस्‍था का एक तरह से प्रतीकात्‍मक रूप है, ये दर्शाता रहा है कि एशिया में तो चीन के समकक्ष भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था की अपनी एक रफ्तार है, जो बढ़ ही रही है।

किसी भी देश के स्‍टॉक एक्‍सचेंज उस देश की इकॉनॉमी का ग्रोथ का इंडीकेटर ही होता है। लिहाजा इस मायने में बॉम्‍बे स्‍टॉक एक्‍सचेंज दुनिया के प्राचीन स्‍टॉक एक्‍सचेंज में से एक है और इसका इतिहास मुंबई में बरगद के एक पेड़ से शुरू होता है।

आपको जानकार आश्‍चर्य होगा कि बीएसई सेंसेक्‍स एशिया के सबसे प्राचीन स्‍टॉक एक्‍सचेंज में से एक है और आज मुंबई में जहां दलाल पथ है, वहां बीएसई की बिल्‍डिंग नहीं थी, बल्‍कि शेयर बाजार एक बरगद के पेड़ नीचे से चलता था।  दरअसल, बीएसई और दलाल स्ट्रीट फिलहाल तो एक ही हैं, लेकिन एक्सचेंज का जन्‍म 1850 में एक बरगद के वृक्ष नीच हुआ था, जहां आज हार्निमन सर्कल है, जो साउथ मुंबई में एक जगह है।



मुंबई के इसी इलाके में टाउनहाल के पास बरगद के वृक्ष के नीचे सभी लोग दलाल एकत्रित होते थे और शेयरों का सौदा करते थे। हालांकि कुछ सालों बाद ये दलाल मेडोज स्ट्रीट और महात्मा गांधी रोड के जंक्शन पर बरगद के वृक्ष के नीचे जुटने लगे। धीरे-धीरे शेयर दलालों की संख्या बढ़ती गई और इसका स्‍थान बदलता रहा। कुछ समय बाद 1874 में मुंबई में देश की अर्थव्‍यवस्‍था के इस प्रतीक को दक्षिण मुंबई में ही एक स्थाई जगह मिली जो आज दलाल स्ट्रीट के रूप में पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।

इस तरह देखा जाए तो आज दुनिया की आर्थिक महाशक्‍ति बनने की ओर अग्रसर देश की अर्थव्‍यवस्‍था के प्रतीक मुंबई शेयर बाजार एक एसोसिएशन के रूप में 1875 में सामने आई थी। उस दौरान इसका नाम नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर एसोसिएशन था। 1840 में शेयर दलाल एक वट वृक्ष के नीचे खड़े होकर शेयरों की खरीद-बिक्री करते थे। वहीं से एसोसिएशन बना और बाद में आज मुंबई शेयर बाजार हमारे सामने एक इतिहास के रूप में मौजूद है।
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