लाइव टीवी

#जीवनसंवाद: अरे! आप भी परेशान हैं...

दयाशंकर मिश्र | News18Hindi
Updated: November 28, 2019, 9:20 AM IST
#जीवनसंवाद: अरे! आप भी परेशान हैं...
जीवन संवाद

Jeevan Samvad: कभी दूसरों के भक्त मत बनिए. क्योंकि भक्त धीरे-धीरे अपनी दृष्टि खो देते हैं. वह केवल आज्ञापालक बन जाते हैं. वह यह नहीं देख पाते कि जो कहा जा रहा है उसका मंतव्य क्या है?

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 28, 2019, 9:20 AM IST
  • Share this:
कोई भी ऐसा व्यक्ति जो हमारी दृष्टि में सफल है. हमें उसका जीवन परी कथा जैसा ही लगता है. सब प्रकार के संकट से दूर. मानिए, वहां कोई जीवन की धूप है ही नहीं. केवल शीतल हवाएं चलती हैं, मनोरम दृश्य रहते हैं, लेकिन ऐसा होता नहीं है. हमें दूसरे के हिस्से में केवल घास ही घास नजर आती है, जबकि जीवन का सच इससे परे है. हर किसी के जीवन में तनाव, संकट और निराशा है. जो इनके बीच संतुलन बना पाता है हम उनकी कहानियां याद रखते हैं.

एलन मस्क से पिछले दिनों किसी ने पूछा, 'उनका शानदार दिखने वाला जीवन कैसा है.' मस्क ने उत्तर दिया, 'मेरे जीवन में ऊंचाइयां, परेशानियां और तनाव हैं, लेकिन अंतिम दो शब्द कोई सुनना नहीं चाहता.'

वह सही कह रहे हैं, लोग यकीन ही नहीं करते कि एलन मस्क को भी कोई संकट हो सकता है. इस तरह के विचार हमें संकट से घेरे रहते हैं. अपनी दुनिया में कैद रहने में मदद करते हैं. हमारे सपनों को मन की बेड़ियों में जकड़े रखते हैं. दुनिया के लिए मानना, मुश्किल हो जाता है कि कामयाबी की नई कहानियां लिखने वाला एलन जैसा व्यक्ति भी तनाव, मुश्किल स्थितियों का सामना कर रहा है. मुश्किलों से जूझ रहा है. जैसा एलन ने कहा, आपके तनाव का कोई सरोकार नहीं होता. इसलिए, लोग उसके बारे में सुनना नहीं चाहते. हालांकि किसी के चाह लेने भर से तनाव खत्म नहीं हो जाता. तनाव जीवन की सच्चाई है. हमने इसे जीवनशैली का हिस्सा बना लिया है. अब इसे खत्म करना आसान नहीं, केवल संभाला जा सकता है!

इसलिए, कभी दूसरों के भक्त मत बनिए. क्योंकि भक्त धीरे-धीरे अपनी दृष्टि खो देते हैं. वह केवल आज्ञापालक बन जाते हैं. वह यह नहीं देख पाते कि जो कहा जा रहा है उसका मंतव्य क्या है? भक्त केवल और केवल कहे गए को जीवन का सत्य मान लेता है. जो सत्य को निरंतर परखता नहीं, वह जीवन के उस आनंद से बहुत पीछे छूट जाता है जिससे मन को निर्मलता और सच्चाई स्नेह मिलता है. यह स्नेह और आत्मीयता ही हमें तनाव और घबराहट से बचाते हैं. प्रेम बिना अंध भक्ति के भी हासिल किया जा सकता है.



श्रीकृष्ण का पूरा जीवन इस बात का सरल, सरस प्रमाण है. उनके जीवन में कितने तरह के किरदार आते हैं कि अगर आप ध्यान से उनको समझने की कोशिश करें तो पाएंगे कि रिश्तों की बुनियाद कितनी ठोस, स्पष्ट और भरोसेमंद होनी चाहिए. उनके जीवन में आस्था, विश्वास इतना गहरा है कि हमें अनेक प्रश्नों, चिंता और तनाव से मुक्त कर सकता है, बस करना इतना है कि उसे जीवन के सहज भाव से स्वीकार करना है.

कभी सोच कर देखिएगा कि कृष्ण के जीवन में कितना तनाव था. और कैसे उन्होंने उसे सहेजा. इससे जीवन के प्रति आस्था और विश्वास गहरा होगा! इसलिए, केवल देखने भर से दूसरों के सुख-दुख के कयास से दूर रहें. जैसे अपने मन की गिरह केवल आप समझते हैं, वैसे ही दुख दर्द से हर किसी का मन भरा हो सकता है. हमारी जिंदगी इस आधार पर तय नहीं होती कि हम कितने परेशान हैं, बल्कि इस आधार पर होती है कि हम उनके पार जाने का रास्ता कैसे बनाते हैं.पता: दयाशंकर मिश्र (जीवन संवाद)
Network18
एक्सप्रेस ट्रेड टावर, 3rd फ्लोर, A विंग
सेक्टर 16 A, फिल्म सिटी, नोएडा (यूपी)
ईमेल : dayashankarmishra2015@gmail.com अपने सवाल और सुझाव इनबॉक्‍स में साझा करें:
(https://twitter.com/dayashankarmi )(https://www.facebook.com/dayashankar.mishra.54)

ये भी पढ़ें : 

#जीवनसंवाद: विवाह का घोषणा पत्र और पति-पत्नी!

#जीवनसंवाद: एक-दूसरे से जुड़ने की क्षमता...

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए जीवन संवाद से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 27, 2019, 9:03 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर