लाइव टीवी

#जीवनसंवाद: अकेले हम अकेले तुम!

दयाशंकर मिश्र | News18Hindi
Updated: September 19, 2019, 1:54 PM IST
#जीवनसंवाद: अकेले हम अकेले तुम!
जीवनसंवाद

Jeevan Samvad: हमारे पास एक से बढ़कर एक स्मार्टफोन और इंटरनेट के प्लान हैं. सोशल मीडिया है. रिश्ते बनाने बनाने वाले विशाल 'ऐप' है. जितने तरह के रिश्ते हो सकते हैं, उतने ही तरह के ऐप और वेबसाइट हैं. उसके बाद भी हमारी खोज कहां अटकी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 19, 2019, 1:54 PM IST
  • Share this:
Jeevan Samvad: अगर आपको कोई ऐसा व्यक्ति मिल जाए जो अपने मोबाइल को छोड़कर किसी मनुष्य, प्रकृति की ओर देख रहा हो. किसी से बात करते समय अपने मोबाइल को एक बार भी ना देखे. तो समझ लीजिए उसमें अवश्य ही कुछ खास है. वह साधारण नहीं हो सकता!

यह बात पढ़ने, सुनने में थोड़ी शरारत भरी लग सकती है, लेकिन यह हमारे समय का सच है. हम कभी भी अकेले नहीं हैं. हम हर समय अपने स्मार्टफोन के साथ हैं. पति और पत्नी अकेले होकर भी अकेले नहीं. दो दोस्त, परिवार के लोग कहने को साथ बैठे हैं, लेकिन उनका दिल और दिमाग उनके फोन में बसा हुआ है. मैं बड़ी संख्या में ऐसे लोगों से परिचित हूं जो स्नानघर में जाते वक्त भी खुद को मोबाइल से दूर नहीं रख पाते. हमेशा कुछ न कुछ उसमें तलाशते रहते हैं.



कुछ समय पहले एक समूह ने मुझे संवाद के लिए आमंत्रित किया. यह बहुराष्ट्रीय कंपनी से जुड़ा हुआ था. इस समूह में विभिन्न कंपनी में काम करने वाले पुरुष और महिला सहकर्मी थे. यह अपनी-अपनी कंपनी के वरिष्ठ पदों पर थे. यह सभी कैफे कॉफी डे के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ की आत्महत्या पर मेरे दृष्टिकोण से असहमत थे. इसलिए, हम इसी विषय पर बात कर रहे थे. इसी दौरान मैंने एक सवाल के जवाब में पूछा, आप क्या खोजते हैं. जो आपके पास होता है! अथवा वह जो आपके पास नहीं है. समूह की सबसे बड़ी अधिकारी ने कहा, 'वह जो मेरे पास नहीं है. मेरे पास पर्याप्त पैसे हैं तो मैं पैसे नहीं खोजती'. फिर क्या खोजती हैं आप! मैंने पूछा. 'वह जो धन से नहीं मिल सकता.  प्रेम, आत्मीयता, अपनापन जो आसानी से मिलते ही नहीं. हर कहीं एक छल जैसा है.'

हम यह सब कहां खोजते हैं! पहले हम यह सब समाज में तलाशते थे. अब हमारे पास लाख दुखों की एक दवा, स्मार्टफोन है. मनुष्य की तलाश इसके सहारे ही कर रहे हैं. जो इसकी पहुंच में नहीं है, जाहिर है हमारी सूची में नहीं आएंगे.
इस अर्थ में दुनिया छोटी होती जा रही है. जो गूगल और स्मार्टफोन की पहुंच में नहीं है, वह हमारी दुनिया से सहज ही बाहर होता जाता है. हमारे पास एक से बढ़कर एक स्मार्टफोन और इंटरनेट के प्लान हैं. सोशल मीडिया है. रिश्ते बनाने बनाने वाले विशाल 'ऐप' है.  जितने तरह के रिश्ते हो सकते हैं, उतने ही तरह के ऐप और वेबसाइट हैं. उसके बाद भी हमारी खोज कहां अटकी है. थकी हारी, अधजगी सी आंखों से हम क्या खोजे जा रहे हैं? ऐसा क्या है जो स्मार्टफोन में है, बाकी दुनिया में नहीं!     ‌ ‌‌‌‌‌‌

स्मार्टफोन ने दिमाग को खूबसूरती से पढ़ लिया है. वह हमारी दिखावे की चाहत, मन के  रहस्य को समझ गया है. उसे पता चल गया है कि हम हर चीज़ की' सेल्फी' चाहते हैं, आत्मा नहीं!


हम मित्रों के साथ से अधिक उनकी शानदार सेल्फी चाहने लगे हैं. उन पर कमेंट और लाइक बेहद जरूरी हो गए हैं. उन्हेंं देखकर हम रिश्तों की आत्मीयता तय करते हैं. कहीं घूमने जाते हुए हम प्रकृति को महसूस करने, हवा और दृश्यों को अपनेे भीतर भरने, समय बिताने से अधिक उसकी तस्वीरों के लिए पागल हो जाते हैं. स्मार्टफोन ने हमारे अच्छे दिखने और सुंदरता के भाव को प्रधानता दी है.         ‌
Loading...

कुल मिलाकर उसने एक शानदार सेल्फी के लिए सारा वातावरण तैयार कर लिया है. जब सारा जोर दिखने पर ही है तो हम स्मार्टफोन से कैसे दूर रह सकते हैं. तकनीक इस बात तक पहुंच गई है कि आप कैसे सोचते हैं. इसलिए, वह अपनी पूरी शक्ति से हम पर हावी होने का प्रयास कर रही है. अपने अंतर्मन को टटोलिए, खंगालिए, सोचिए जब आप व्यस्त नहींं होते हैं, तो क्या कर रहे होते हैं. एक उत्तर मुझे पता है, आप अपने फोन केेेे साथ व्यस्त हो हैं! मुझे खुशी होगी अगर मैं सही नहीं हूं. आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा में....

पता: दयाशंकर मिश्र (जीवन संवाद)
Network18
एक्सप्रेस ट्रेड टावर, 3rd फ्लोर, A विंग
सेक्टर 16 A, फिल्म सिटी, नोएडा (यूपी)
ईमेल : dayashankarmishra2015@gmail.com अपने सवाल और सुझाव इनबॉक्‍स में साझा करें:
(https://twitter.com/dayashankarmi )(https://www.facebook.com/dayashankar.mishra.54)

ये भी पढ़ें:

#जीवन संवाद : अपने साथ खड़े होना

#जीवनसंवाद : मन सहेजने की फुर्सत!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए जीवन संवाद से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 19, 2019, 8:53 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...