लाइव टीवी

#जीवनसंवाद: जो आपको नहीं भाते!

दयाशंकर मिश्र | News18Hindi
Updated: January 15, 2020, 9:30 AM IST
#जीवनसंवाद: जो आपको नहीं भाते!
#जीवनसंवाद: जो आपको नहीं भाते!

Jeevan Samvad: जिस तरह हम अपने माता-पिता, भाई-बहन नहीं चुन सकते, ठीक वैसे ही अपने सहकर्मी/ऑफि‍स में काम करने वालों को एक सीमा से आगे नहीं चुना जा सकता. इसलिए, अगर आप किसी को पसंद नहीं करते, उसके साथ असहज हैं तो स्‍वयं के उनके साथ संबंध को सीमित कीजिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 15, 2020, 9:30 AM IST
  • Share this:
हमारे आसपास हमेशा कुछ न कुछ लोग होते ही हैं, जिनको हम पसंद नहीं करते. जो हमें पसंद नहीं करते. हम जिनको पसंद नहीं करते, उनके लिए अपने मन को निरंतर नाराज रखते हैं. उनके बारे में सोचते रहते हैं. उन्‍होंने हमारा जो नुकसान किया, उसका हिसाब लगाते रहते हैं. कई बार इस उधड़बुन में भी रहते हैं कि काश! ऐसा नहीं हुआ होता, तो अच्‍छा होता. लेकिन जिंदगी काश! से नहीं चलती. वह तो जैसी होती है, वैसी हो होती है.

इस तरह की उलझनों में मन के धागों को लटकाए रखने का ये अर्थ नहीं होता कि ऐसा न हुआ होता तो अच्‍छा होता. कभी-कभी मन का भटकते हुए अतीत की गलियों में चले जाना स्‍वाभाविक है लेकिन अक्‍सर वहीं भटकते रहना, हमारे जीवन के लिए अनेक परेशानियां खड़े करने वाला होता है. हम ऐसा न हुआ होता के चक्‍कर में अपने वर्तमान से असंतुष्ट रहने लगते हैं. अगर हम आज खुश नहीं हैं तो यकीन मानिए, हमारा अतीत भी खुश नहीं होगा, क्‍योंकि अतीत तो आज की कड़ियों से ही बुना जाता है.

इसलिए, जो नहीं भाते, उनकी चिंता छोड़ दीजिए. उनके साथ रिश्‍ते बस ऐसे रखिए कि उनके सामने आने पर आपका मन उबलने न लगे. दिमाग में गुस्‍सा इतना न हो जाए कि अपना ही संतुलन खो बैठें. इससे अधिक हम कुछ नहीं कर सकते. जिस तरह हम अपने माता-पिता, भाई-बहन नहीं चुन सकते, ठीक वैसे ही अपने सहकर्मी/ऑफि‍स में काम करने वालों को एक सीमा से आगे नहीं चुना जा सकता. इसलिए, अगर आप किसी को पसंद नहीं करते, उसके साथ असहज हैं तो स्‍वयं के उनके साथ संबंध को सीमित कीजिए.

हर किसी के साथ मित्रता संभव नहीं. हर किसी से एक सीमा के बाद दोस्‍ताना रिश्‍ते भी संभव नहीं. इसलिए, अपने संबंधों की सीमा हम जितनी जल्‍दी समझ जाएंगे, उतना ही सुखद हमारा जीवन होगा. मैंने बहुत से लोगों में पाया कि वह अपने कामकाजी रिश्‍तों को निजी रिश्‍तों में मिलाते रहते हैं. इससे बहूत सारा तनाव अकारण पैदा होता रहता है.


जो रिश्‍ते आपने कामकाजी जीवन में बनाए हैं, उनका निजी रिश्‍तों से कोई मुकाबला नहीं है. निजी रिश्‍ते आपकी व्‍यक्तिगत क्षमता, व्‍यवहार से तय होते हैं, जबकि कामकाजी रिश्‍ते आपकी प्रोफेशनल काबलियत से तय होते हैं. इसलिए इनकी दुनिया सीमित होती है. इनसे बहुत जीवन के प्रति गहरी अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए. इससे केवल दुख ही हासिल होगा. मन दुख की चकरी से बाहर नहीं निकल पाएगा. यह तो बात हुई उनकी जो हमें नहीं भाते. अब थोड़ी सी बात उनकी जो आपको पसंद नहीं करते.


ऐसे लोग भी कामकाजी और निजी जिंदगी दोनों जगह पर हो सकते हैं. कामकाजी जिंदगी में ऐसे लोगों से सामान्‍य, रूखे व्‍यवहार को बहुत अधिक द‍िल से लगाने की जरूरत नहीं. क्‍योंकि जहां आप काम करते हैं, वहां जिंदगी का बड़ा हिस्‍सा आप गुजारते हैं. ऐसे में अगर आप हर बात पर नाराज रहने लगेंगे, स्‍वयं के जरूरत से अध‍िक महत्‍व की अपेक्षा रखेंगे. हर किसी से गहरी आत्‍मीयता की चाहत रखेंगे तो यह आपकी दिमागी सेहत के लिए अच्‍छा नहीं होगा.मैं अक्‍सर ऐसे युवा साथियों से मिलता रहता हूं जो अपने ऑफि‍स में दूसरों के रूखे व्‍यवहार को बहुत अधिक महत्‍व देते हैं. वह हर जगह अपना गहरा ख्‍याल रखने वाले लोग चाहते हैं. जो संभव नहीं. जब हम अपने भाई-बहनों को नहीं बदल सकते तो यह कैसे संभव है कि पच्‍च्‍सीस से चालीस-पचास की उम्र में मिलने वाले लोगों को बदल सकें. यह बहुत मुश्किल काम है.

दूसरों को बदलने का काम आपका नहीं है. आप अगर किसी को बदल सकते हैं, तो वह केवल आप हैं. सबको बदलने का ख्‍याल स्‍वयं को दुखी रखने का सरल माध्‍यम है. इससे बचिए. इसलिए जो आपको पसंद नहीं करते, आप स्‍वयं को उनकी चिंता से मुक्‍त कीजिए. अपना ध्‍यान उनमें लगाइए जिनकी आपमें गहरी रुचि है. जिनके लिए आपकी सांसें धकड़ती हैं. जिन्‍हें आपके होने से फर्क पड़ता है.

पता: दयाशंकर मिश्र (जीवन संवाद)
Network18 एक्सप्रेस ट्रेड टावर, 3rd फ्लोर, A विंग
सेक्टर 16 A, फिल्म सिटी, नोएडा (यूपी)
ईमेल : dayashankarmishra2015@gmail.com अपने सवाल और सुझाव इनबॉक्‍स में साझा करें:
(https://twitter.com/dayashankarmi )(https://www.facebook.com/dayashankar.mishra.54)

ये भी पढ़ें:

#जीवनसंवाद: आइए, अब लौटें!

#जीवनसंवाद : पागल कौन!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए जीवन संवाद से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 10, 2020, 12:13 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर