गुमला सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या हुई 13, आज एक बच्ची ने रिम्स में तोड़ा दम
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गुमला सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या हुई 13, आज एक बच्ची ने रिम्स में तोड़ा दम
टक्कर इतनी भयानक थी कि 11 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया

गुमला हादसे में मरने वालों की संख्या की बढ़ती जा रही है. आज एक बच्ची ने रिम्स में दम तोड़ दिया. इसी के साथ इस हादसे में मरने वालों की संख्या तेरह हो गई है. जबकि तीन घायलों का अभी भी रिम्स में इलाज चल रहा है.

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गुमला हादसे में मरने वालों की संख्या की बढ़ती जा रही है. आज एक बच्ची ने रिम्स में दम तोड़ दिया. इसी के साथ इस हादसे में मरने वालों की संख्या तेरह हो गई है. जबकि तीन घायलों का अभी भी रिम्स में इलाज चल रहा है.

बता दें कि गुमला के भरनो में तेज रफ्तार ट्रक ने एक ऑटो को टक्कर मार दी. जिससे ऑटो सवार 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला और एक बच्ची ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया. यह भीषण हादसा नेशनल हाईवे-43 पर पलमाडीपा के पास हुआ. मरने वाले सभी भरनो प्रखंड के जतरगड़ी गांव के थे. ये लोग बेड़ो प्रखंड के गड़गांव में छठी समारोह में हिस्सा लेकर घर लौट रहे थे. इसी दौरान पलमाडीपा के पास ट्रक ने सामने से आ रहे टेंपो को धक्का मार दिया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि काफी दूर तक टेंपो घिसटता चला गया. मरने वालों में छह महिला, पांच बच्चे और दो पुरुष शामिल हैं.

 



बता दें कि रविवार रात जिस समय ये हादसा पेश आया, पुलिस व मीडियाकर्मी घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटे हुए थे, उसी दौरान केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत का काफिला घटनास्थल से होकर गुजर रहा था. स्थानीय लोग और पुलिस ने काफिले को रोकने की कोशिश की, ताकि काफिले की गाड़ी से घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा सके. मगर केंद्रीय मंत्री का काफिला रुका नहीं. जिससे स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है.
गांववालों के मुताबिक ज्यादातर मृतक एक ही परिवार के थे. सभी ऑटो में सवार होकर रांची जिले के गुड़गांव स्थित रिश्तेदार के घर छठी समारोह सह समधी मिलन के लिए गए हुए थे.

घटना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने बताया कि सड़क हादसा के पीछे का सबसे बड़ा कारण सड़क के बीच मेरेडियम सिग्नल का नहीं होना है. लोगों का कहना है कि रांची-गुमला मुख्यमार्ग पर प्रत्येक दिन नागफनी नदी से सैकड़ों ट्रक बालू की अवैध ढुलाई करते हैं. सभी ट्रक ओवरलोडेड होते हैं. अवैध बालू होने के कारण ट्रक चालक हमेशा ट्रकों को तेज रफ्तार में भगाने में जुटे रहते हैं. जिसके कारण इस मार्ग पर अक्सर हादसे होते रहते हैं.

राज्य के मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए प्रशासन को घायलों के त्वरित इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया. CM के निर्देश पर डीसी श्रवण साईं, एसपी अंशुमन कुमार व डीडीसी नागेंद्र कुमार सिन्हा ने धर्म सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और रोते-बिलखते परिजनों को ढांढस बंधायी.
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