लाइव टीवी

झारखंड विधानसभा चुनाव: हरियाणा और महाराष्ट्र के नतीजों से बढ़ा विपक्ष का हौसला

Anil Rai | News18Hindi
Updated: October 31, 2019, 4:20 PM IST
झारखंड विधानसभा चुनाव: हरियाणा और महाराष्ट्र के नतीजों से बढ़ा विपक्ष का हौसला
एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू ने झारखंड में गठबंधन से बाहर अलग चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. (प्रतीकात्मक फोटो)

जल्द ही चुनाव आयोग (Election Commission) झारखंड (Jharkhand) में मतदान (Voting) की तारीखों का ऐलान कर सकता है, इसके लिए बैठक भी बुलाई गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 31, 2019, 4:20 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. हरियाणा (Haryana) और महाराष्ट्र (Maharashtra) के बाद अब झारखंड (Jharkhand) में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) की आहट तेज हो गई है. आने वाले कुछ दिनों में चुनाव आयोग (Election Commission) झारखंड में चुनाव की तारिखों का ऐलान कर सकता है. चुनाव की तैयारियों के लिए आयोग ने 31 अक्टूबर को चुनाव पर्वेक्षक बनाए जाने वाले अधिकारियों की बैठक भी बुलाई है. चुनाव आयोग की तैयारियों का साथ-साथ झारखंड में राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी हैं. महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव परिणामों ने विपक्ष में नया जोश भर दिया है. सूत्रों की माने तो झारखंड में महागठबंधन में सीटों पर आपसी सहमति बन चुकी है. महागठबंधन का नेतृत्व झारखंड मुक्ति मोर्चा करेगी जबकि कांग्रेस नम्बर दो पार्टी होगी. महागठबंधन मे झारखंड विकास मोर्चा और आरजेडी को भी शामिल करने की बातचीत चल रही है. साफ है हरियाणा के नतीजों ने विरोधी दलों को ये साफ संकेत दिया है कि अगर बीजेपी (BJP) को हराना है तो विपक्ष को एक साथ रहना पड़ेगा.

जेडीयू नहीं होगी गठबंधन में
वहीं एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू ने झारखंड में गठबंधन से बाहर अलग चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. हालांकि बीजेपी नेता ये मानते है कि झारखंड में जेडीयू के साथ रहने या अलग चुनाव लड़ने से बीजेपी के वोट बैंक पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है. जेडीयू का झारखंड में चुनाव लड़ने का बयान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के उस बयान के बाद आया जिसमें अमित शाह बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने के संकेत दे चुके थे.

विपक्ष की उम्मीद का ये है फार्मूला, अब तक रहा है हिट

जानकारों की माने तो विपक्ष हमेशा ब्रांड मोदी से डरता रहा है. जब बीजेपी ब्रांड मोदी पर चुनाव लड़ती हो तो विपक्ष के पास कुछ भी नहीं बचता लेकिन जब-जब भारतीय जनता पार्टी अपने मुख्यमंत्रियों का चेहरा आगे कर चुनाव लड़ती है तो विपक्ष की संभवाना बढ़ जाती है. पहले कर्नाटक में बीजेपी सीएम का चेहरा लेकर चुनाव लड़ी तो सत्ता के जादूई आंकड़े से दूर रही और उसके बाद राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तो सीएम के चेहरों ने बीजेपी को सत्ता से विपक्ष में बैठ दिया. लेकिन जब लोकसभा चुनाव आए और ब्रांड मोदी सामने आया तो विपक्षी दल ऐसे धराशाई हुए कि जिन राज्यों में कुछ दिन पहले सरकार बनी थी वहां खाता खोलने में ही मुश्किल आई. हरियाणा और महाराष्ट्र में एक बार फिर बीजेपी मुख्यमंत्री चेहरे के साथ मैदान में गई और दोनों जगह उसका जनाधार कम होता दिखा ऐसे में विपक्ष को अब झारखंड में भी उम्मीद है कि रघुवर दास को हराना मुश्किल जरुर है लेकिन असंभव नहीं है.

ये भी पढ़ेंः महाराष्ट्र के 'महाभारत' में किसके साथ जाएंगे शरद पवार?

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए रांची से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 31, 2019, 3:49 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...