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Jharkhand: अच्छी पहल! कैदियों के बनाए गए सामानों के सेलर बने पुलिसकर्मी, कैदी वाहन बना शोरूम

Jharkhand: अच्छी पहल! कैदियों के बनाए गए सामानों के सेलर बने पुलिसकर्मी, कैदी वाहन बना शोरूम

रांची में इन दिनों कैदियों के हाथों द्वारा तैयार किए गए सामान काफी धूम मचा रहा है.

रांची में इन दिनों कैदियों के हाथों द्वारा तैयार किए गए सामान काफी धूम मचा रहा है.

Jharkhand News: रांची में इन दिनों कैदियों द्वारा तैयार किए गए सामान काफी लोकप्रिय हो रहे हैं. ग्राहकों को ये सामान इतना पसंद आ रहा है कि बाजार में आते ही उनकी बिक्री तुरंत हो जाती है. बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में सजायाफ्ता कैदियों के द्वारा कई प्रोडक्ट बनाए जा रहे हैं, जिनमें तौलिया, चादर, कंबर, मोमबत्ती, कॉपी, फाइल जैसे सामान शामिल हैं. बताया जा रहा है कि जेल में कैद कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें ये सब सिखाया जा रहा है. जिससे वो जब भी बाहर आएं तो अच्छे से अपना जीवन यापन कर सकें.

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रांची. जेल में बंद  कैदियों  (prisoners) द्वारा तैयार किया गया सामान इन दिनों झारखंड (Jharkhand) की राजधानी रांची  (Ranchi) में धूम मचा रही है. बाजार में आते ही इन सामानों की बिक्री हाथों हाथ हो जाती है. वहीं पुलिसकर्मी खुद इन  प्रोडक्ट्स के सेलर बन गए हैं. पुलिसकर्मी लोगों को सामानों की क्वालिटी बता रहे हैं. दरअसल, बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार  (Birsa Munda Central Jail) में सजायाफ्ता कैदियों के द्वारा कई प्रोडक्ट बनाए जा रहे हैं. जिसमें तौलिया, चादर, कंबर, मोमबत्ती, कॉपी, फाइल जैसे सामान शामिल है, जिन्हें कैदियों ने अपने हाथों से बनाया है. कैदी वाहन मे ही कैदियों के तैयार प्रोडक्ट वाहन में लादकर रांची के महत्वपूर्ण स्थानों पर लाया जाता है, जहां से फिर इसे लोग ले लेते हैं.

ग्राहकों को सामान आ रहा पसंद 

ग्राहकों का का कहना है कि क्वालिटी काफी अच्छी है और कीमत भी काफी रीजनेबल है.  इसी मसले पर अनूप कुमार नामक ग्राहक ने कहा कि सारे समान काफी अच्छे हैं और और इनमें फिनिशिंग भी है.

पुलिसकर्मी बने सेलर

वहीं जेल कर्मी कक्षपाल कैलाश नाग जो इन प्रोडक्ट्स को बेचते हुए नजर आए उनका कहना है कि जेल में कैदियों को हुनरमंद बनाया जाता है और फिर वे जेल में ही कैदियों द्वारा इन समानो को बनाया जाता है. उनके समानो को जेल कर्मी मोबाइल वाहन में भरकर बेचने का काम किया करते हैं. बाकायदा समानों की कीमत की लिस्ट होती है और सभी सामान का बिल भी काटा जाता है.

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कैदी बन रहे स्वालंबी

कैदीयो को हुनरमंद बनाने की सबसे बड़ी वजह है कि वे आत्मनिर्भर बन सके ताकि जब वो अपनी सजा काट के बाहर निकले तो उन्हें किसी तरह की परेशानी जीवन यापन करने में न हो.

Tags: Jharkhand news, Ranchi news

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