रक्षाबंधन के मौके पर स्कूल को बांधी 500 मीटर लंबी राखी, मकसद जानकर हो जाएंगे हैरान

जेवीएम नेता डॉ प्रकाश सिंह ने कहा कि बंद पड़े स्कूल में राखी बांधने का मकसद यह है कि इससे शायद प्लांट प्रशासन की नींद खुल जाए और ज्ञान के मंदिर में फिर से घंटी बजने लगे.

News18 Jharkhand
Updated: August 16, 2019, 11:01 AM IST
रक्षाबंधन के मौके पर स्कूल को बांधी 500 मीटर लंबी राखी, मकसद जानकर हो जाएंगे हैरान
विरोध जताने के लिए स्कूल को बांधी 500 मीटर की राखी
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Updated: August 16, 2019, 11:01 AM IST
रक्षाबंधन (Rakshabandhan) के मौके पर गुरुवार को बोकारो में पांच सौ मीटर लंबी राखी (Rakhi) एक स्कूल को बांधी गई. झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) (JVM) के कार्यकर्ताओं ने ऐसा विरोध जताने के लिए किया. दरअसल बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) (Bokaro Steel Ltd) प्रशासन ने इस स्कूल को बंद कर दूसरे स्कूल में मर्ज करा दिया. इससे आस-पास के इलाके के बच्चों को दूर जाकर स्कूल में पढ़ना पड़ता है. पहले बोकारो में बीएसएल के 15 स्कूल थे. अब सभी को मर्ज कराकर 4 कर दिये गये हैं.

स्कूल को बांधी पांच सौ मीटर लंबी राखी

स्कूल मर्जर के विरोध में जेवीएम कार्यकर्ताओं ने रक्षाबंधन के मौके पर फूलों से बनी 500 मीटर लंबी राखी सेक्टर-3E स्थित स्कूल को बांधी. राखी पर देश का नक्शा बना हुआ था.

जेवीएम नेता डॉ प्रकाश सिंह ने कहा कि बंद पड़े स्कूल में राखी बांधने का मकसद यह है कि बीएसएल प्रशासन और इस्पात मंत्रालय का शिक्षा के प्रति जो निराशाजनक रवैया है, उससे हजारों गरीब छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से महरूम हो रहे हैं. रांखी बांधने से शायद प्लांट प्रशासन की नींद खुल जाए और ज्ञान के मंदिर में फिर से घंटी बजने लगे.

15 के बदले अब हैं 4 स्कूल 

इस मौके पर जेवीएम कार्यकर्ताओं ने ये संकल्प भी लिया कि जबतक बीएसएल के बंद पड़े स्कूलों में फिर से शिक्षा व्यवस्था शुरू नहीं होगी, तबतक उनका विरोध जारी रहेगा. झारखंड की बौद्धिक राजधानी कहे जाने वाले बोकारो में कभी बीएसएल के इन स्कूलों का डंका बजता था. लेकिन आज ये खंडहर में तब्दील हो गये हैं. प्लांट प्रशासन ने अपने 15 स्कूलों को मर्ज कराकर 4 स्कूल में तब्दील कर दिया है.

रिपोर्ट- ज्ञानेंदू
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First published: August 16, 2019, 10:53 AM IST
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