झारखंड उपचुनावः बेरमो की विरासत का दावेदार कौन? राजेंद्र सिंह के बाद किसे चुनेगी कांग्रेस, पढ़ें Inside Story
Bokaro News in Hindi

झारखंड उपचुनावः बेरमो की विरासत का दावेदार कौन? राजेंद्र सिंह के बाद किसे चुनेगी कांग्रेस, पढ़ें Inside Story
बेरमो विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ग्राउंड रिपोर्ट हासिल करने में जुटी हुई है.

Bermo Assembly By-election: झारखंड के दिग्गज नेता राजेंद्र प्रसाद सिंह (Rajendra Singh) के निधन से खाली हुई बेरमो विधानसभा सीट के उपचुनाव को लेकर कांग्रेस (Congress) पार्टी में मंथन जारी.

  • Share this:
बोकारो. झारखंड में कांग्रेस के दिवंगत नेता राजेंद्र सिंह (Rajendra Singh) के निधन से खाली हुई बेरमो विधानसभा सीट के उपचुनाव (Bermo Assembly Byelection) को लेकर कांग्रेस ने बिगुल फूंक दिया है. कांग्रेस (Congress) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव क्षेत्र की जनता का हाल जानने के बहाने पार्टी कार्यकर्ताओं का मूड जानने बीते शनिवार को बेरमो पहुंचे. दरअसल, निर्वाचन आयोग ने चुनाव की घोषणा तो कर दी है, लेकिन अभी डेट तय नहीं है. ये माना जा रहा है की चुनाव अक्टूबर या नवंबर में होना है. ऐसे में कांग्रेस नेता अभी से चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं. खासकर बेरमो से राजेंद्र सिंह के दोनों बेटों की दावेदारी से पेंच फंसता दिख रहा है. ऐसे में कांग्रेस पार्टी किसी को टिकट देने से पहले यहां की ग्राउंड रिपोर्ट हासिल करने में जुटी है.

दो दिवसीय दौर पर बेरमो पहुंचे डॉ. रामेश्वर उरांव ने जैनामोड़ में विभिन्न प्रखंडों के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. इसमें प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर भी शामिल हुए. देर तक चली बैठक में बेरमो विधानसभा के नेताओं व कार्यकर्ताओं का मूड जानने का प्रयास किया गया. बैठक के दौरान बतौर मंत्री डॉ. उरांव ने कई सरकारी घोषणाएं भी की, लेकिन फोकस विधानसभा उपचुनाव ही रहा. बैठक के बाद कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा भी कि बेरमो से कांग्रेस को जिताना, राजेन्द्र प्रसाद सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

परंपरागत सीट बचाने की जद्दोजहद
बेरमो विधानसभा सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है. दिवंगत राजेंद्र सिंह यहां से लगातार चुनाव जीतते रहे थे. इसलिए आने वाले उपचुनाव में कांग्रेस के सामने इस सीट को बचाना, सबसे बड़ी चुनौती है. यही वजह है कि पार्टी अपने नेताओं व कार्यकर्ताओं से राय लेना चाह रही है. उपचुनाव का टिकट देने से पहले पार्टी आश्वस्त हो लेना चाहती है कि जिसे भी टिकट दिया जाए, वह यहां से जीते ही.
राजेंद्र सिंह के दोनों बेटों की दावेदारी से फंसा पेंच


बेरमो विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को दिवगंत राजेन्द्र प्रसाद सिंह के दोनो बेटों की पिता की विरासत पर दावेदारी ने उलझा दिया है. राजेंद्र सिंह के बेटे- जयमंगल सिंह और कुमार गौरव, दोनों ही इस सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं. ऐसे मे पार्टी के लिए यह फैसला करना कठिन है किसे छोड़े और किस बेटे को टिकट दे. हालांकि मीडिया में अभी तक ये बातें साफ नहीं हो सकी हैं, लेकिन इतना तय है कि कांग्रेस कोई जोखिम उठाना नहीं चाह रही है. इसलिए पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं से फीडबैक लेने में जुटी है.

प्रदेश अध्यक्ष बोले- जनता जिन्हें जानती है, उन्हें टिकट
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव ने कहा कि बेरमो विस में आकर नेताओं व कार्यकर्ताओं से बात की है. ग्राउंड लेबल पर जानकारी ली जा रही है. स्व. राजेन्द्र प्रसाद सिंह के बेटों को चुनाव का टिकट देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी इस पर विचार करेगी. डॉ. उरांव ने यह भी कहा कि जो क्षेत्र में दमदार तरीके से काम करेगा और जनता जिन्हें पहचानती है, वैसे लोगो को प्रत्याशी बनाया जाएगा. डॉ. उरांव आज भी चंद्रपुरा और बेरमो के कार्यकर्ताओं से मिलने वाले हैं. वे आज भी अपने नेताओं का मूड भांपेंगे. बहरहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस आखिरकार बेरमो में किसे अपना चेहरा बनाती है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज