बोकारो के बेटे को मिला बड़ा मौका, फ्रांस की इस प्रतियोगिता में लेंगे हिस्सा

बचपन में पेपर बांटने में पिता को मदद करने के दौरान शंकर रोजाना 50 से 60 किलोमीटर साइकिल चलाया करते थे. गरीबी की ये मजबूरी बाद में शौक बन गयी और शंकर ने साइकिलिंग को अपना करियर बना लिया.

News18 Jharkhand
Updated: July 31, 2019, 2:48 PM IST
बोकारो के बेटे को मिला बड़ा मौका, फ्रांस की इस प्रतियोगिता में लेंगे हिस्सा
शंकर ठाकुर
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Updated: July 31, 2019, 2:48 PM IST
बोकारो के एलएच मोड़ निवासी शंकर ठाकुर अब फ्रांस में झारखंड का नाम रौशन करेंगे. शंकर फ्रांस के पेरिस में आयोजित होने वाली पेरेसिय बेस्ट पेरिस साइकिलिंग प्रतियोगिता (पीबीपी साइकिलिंग प्रतियोगिता) में भाग लेने वाले हैं. 18 से 22 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में 1200 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय करना होगा. इसके लिए प्रतिभागियों को 90 घंटे का वक्त दिया जाएगा. इस प्रतियोगिता में 65 देश के खिलाड़ी भाग लेंगे. भारत से 300 प्रतिभागियों का चयन हुआ है. यह प्रतियोगिता चार साल के अंतराल पर आयोजित होता है.

साइकिल से दिल्ली से बोकारो आते हैं शंकर

न्यूज पेपर विक्रेता विजय ठाकुर के बेटे शंकर ठाकुर 10 साल की उम्र से साइकिल चलाते आ रहे हैं. वह साइकिल से भारत भ्रमण कर चुके हैं. दिल्ली में स्पोर्ट्स कंपनी में काम करने वाले शंकर जब भी वहां से बोकारो आते हैं, साइकिल से ही आते हैं. दिल्ली से बोकारो की दूरी 1264 किलोमीटर है. शंकर इसे साइकिल से 7 से 8 दिन में तय करते हैं.

shankar thakur
दिल्ली में एक स्पोर्ट्स कंपनी में काम करते हैं शंकर ठाकुर


गरीबी की मजबूरी को बनाया शौक 

बचपन में पेपर बांटने में पिता को मदद करने के दौरान शंकर रोजाना 50 से 60 किलोमीटर साइकिल चलाया करते थे. गरीबी की ये मजबूरी बाद में शौक बन गयी और शंकर ने साइकिलिंग को अपना करियर बना लिया.

शंकर अपने देश में आयोजित इंडिया ब्रेभेट कंपटीशन में भाग ले चुके हैं. इसमें सफल होने के बाद उन्हें फ्रांस की प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिला है. शंकर को फ्रांस जाकर प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए दो लाख रुपये से ज्यादा खर्च आएगा. इसने पैसे उसके पास है नहीं. लिहाजा उन्होंने सरकार से मदद की गुहार लगाई है.
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रिपोर्ट- ज्ञानेंदू

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First published: July 31, 2019, 2:47 PM IST
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