लाइव टीवी

VIDEO: अपने ही घर में महीनों से कैद भाई-बहन को पुलिस ने कराया आजाद, शक के घेरे में किरायेदार डॉक्टर

News18 Jharkhand
Updated: August 14, 2018, 2:30 PM IST

डीएसपी की माने तो पूरा मामला संदिग्ध है. दोनों भाई-बहन के ठीक होने के बाद बयान सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

  • Share this:
बोकारो के को-ऑपरेटिव कालोनी में अपने ही घर में भाई-बहन महीनों से कैद थे. सोमवार को इसकी सूचना पुलिस को दी गई. सिटी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और घर से दीपक कुमार घोष और मंजू श्री घोष उर्फ मिठू घोष को निकाला. दोनों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. दीपक का एक पैर भी टूटा हुआ है.

पुलिस ने दोनों को बोकारो जेनरल अस्पताल में भर्ती कराया है. पड़ोसियों के मुताबिक घर पर डीके गुप्ता नामक एक डॉक्टर ने कब्जा जमा लिया है. नर्सिंग होम खोल रखा है. सूचना पर जब सिटी डीएसपी अजय कुमार और सिटी इंस्पेक्टर मदन मोहन प्रसाद मौके पर पहुंचे, तो काफी देर तक खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुला. बाद में एक अधिकारी गेट कूदकर अंदर घुसे, तो अंदर मौजूद नौकर ने डॉक्टर के नहीं होने की सूचना दी.

डीएसपी की माने तो पूरा मामला संदिग्ध है. दोनों भाई-बहन के ठीक होने के बाद बयान सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. जानकारी के मुताबिक बीमार भाई-बहन के पिता बीएसएल में थे. माता-पिता की मृत्यु होने के बाद वर्ष 2001 में दोनों ने अपने घर को डा. गुप्ता को किराये पर दिया. तब से डॉक्टर घर में नर्सिंग होम चला रहे हैं.

पड़ोसियों ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये सब मकान हड़पने की साजिश है. को-ऑपरेटिव सोसायटी कमिटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह ने कहा कि लोगों से जानकारी मिली की घर में दोनों बंधक बने हुए हैं. अब सोसायटी पूरे मामले की जांच करेगी.

(ज्ञानेंदू की रिपोर्ट)

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए बोकारो से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 14, 2018, 1:23 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...