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भाई-बहन को बंधक बनाने के मामले में चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज, एडीजी ने दिए जांच के आदेश

Gyanendu Jaipuriar | News18 Jharkhand
Updated: August 19, 2018, 2:49 PM IST
भाई-बहन को बंधक बनाने के मामले में चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज, एडीजी ने दिए जांच के आदेश
झारखंड के एडीजी आधुनिकीकरण सह ट्रेनिंग अनिल पालटा

एडीजी अनिल पालटा ने माना कि जो परिस्थिति दिख रही है उससे तो यह साफ होता है कि घर को कब्जा करने का षड्यंत्र रचा गया था.

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बोकारो के सिटी थाना क्षेत्र के को-ऑपरेटिव के प्लाट नंबर 229 के मालिक भाई दीपक कुमार घोष और बहन मंजू श्री घोष को सालों से कैद में रखने के मामले में जहां आरोपी चिकित्सक समेत दवा दुकानदार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है वहीं शनिवार को झारखंड के एडीजी आधुनिकीकरण सह ट्रेनिंग अनिल पालटा बोकारो पहुंचे और उन्होंने बोकारो एसपी को मामले की जांच करने का निर्देश दिया.

एसपी कार्तिक एस गुरुवार रात को पीड़ित भाई-बहन से बोकारो जेनरल अस्पताल में मिले और उनका हालचाल जाना. साथ ही उनके आवास जाकर लोगों से मामले को लेकर पूछताछ की. वहीं जिस पड़ोसी ने 100 नंबर पर घटना की जानकारी दी थी एसपी ने उनसे भी मुलाकात की.

एसपी कार्तिक एस ने माना कि जो बात सामने आ रही है उससे तो यह प्रतीत हो रहा है कि मामले में पीड़ित भाई-बहन के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ है और मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.

बताते चले कि पुलिस ने 13 अगस्त को घर के बदबूदार कमरे से भाई दीपक कुमार घोष 54 वर्ष और बहन मंजू श्री घोष 51 वर्ष को बंद कमरे से निकाला था. दोनों की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी. जहां भाई का पैर टूटा मिला वहीं बहन की स्थिति भी ठीक नहीं मिली थी.

क्या है पूरा मामला- वर्ष 2001 में दोनों भाई बहन ने डॉ डी के गुप्ता को को-ऑपरेटिव कॉलोनी का प्लाट नंबर 229 को किराए पर दिया था. लेकिन डॉ गुप्ता ने किराए पर लिए घर को अपने नाम पर न लेकर अपने रिश्तेदार मंतोष के नाम पर रखा. मंतोष के नाम से घर के बाहर दवा दुकान संचालित होती रही जबकि चिकित्सक घर के अंदर क्लिनिक और नर्सिंग होम चलाते रहे. डॉक्टर डी के गुप्ता अपने रिश्तेदार मंतोष के साथ मिलकर करोड़ों की प्रोपर्टी को हड़पने की साजिश को लेकर दोनों भाई बहन को वर्षों से घर के अंदर बंद रखा था. अभी डॉक्टर डी के गुप्ता फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश को लेकर छापेमारी कर रही है. वहीं मंतोष गुप्ता की दो महीने पहले मौत हो चुकी है.

वहीं मामले में झारखंड के एडीजी आधुनिकीकरण सह ट्रेनिंग अनिल पालटा शनिवार को बोकारो पहुंचे और पीड़ित भाई-बहन से बोकारो जेनरल अस्पताल में जाकर हालचाल जाना. चिकित्सकों से भी दोनों के विषय में जानकारी ली. इस दौरान संत जेवियर स्कूल के पुराने छात्र भी अनिल पालटा के साथ दिखे.

बता दें कि अनिल अनिल पालटा की स्कूली शिक्षा संत जेवियर स्कूल बोकारो से हुई है और जो पीड़ित बहन मंजू श्री घोष है वह अनिल पालटा से एक क्लास सीनियर रही है. इतना ही नहीं मंजू श्री घोष संत जेवियर स्कूल में बतौर शिक्षिका भी कार्य कर चुकी है. जब पूरे मामले की जानकारी संत जेवियर के छात्रों को मिली तो छात्रों ने पूरे मामले की जानकारी अनिल पालटा को दी. जिसके बाद अनिल पालटा ने बोकारो पहुंचकर मामले को लेकर डीआईजी और एसपी से बात की और जांच का निर्देश दिया. इस पूरे मामले में एडीजी अनिल पालटा काफी गंभीर दिखे.
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वहीं मीडिया से बातचीत करते हुए एडीजी अनिल पालटा ने माना कि जो परिस्थिति दिख रही है उससे तो यह साफ होता है कि घर को कब्जा करने का षड्यंत्र रचा गया था.

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First published: August 19, 2018, 2:48 PM IST
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