होम /न्यूज /झारखंड /बोकारो के ग्रामीण इलाकों में लगेंगे 107 बायो गैस प्लांट, जानें किसानों को कैसे मिलेगा दोहरा लाभ

बोकारो के ग्रामीण इलाकों में लगेंगे 107 बायो गैस प्लांट, जानें किसानों को कैसे मिलेगा दोहरा लाभ

Biogas Plant: बोकारो के ग्रामीण इलाकों में केंद्र सरकार बायोगैस प्लांट लगवाने जा रही है. बायो गैस प्लांट को गोबर गैस प् ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट : कैलाश कुमार

बोकारो. बोकारो के ग्रामीण इलाकों में भारत सरकार बायो गैस प्लांट का निर्माण कराने जा रही है. ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा मनरेगा के तहत ये प्लांट लगाए जाएंगे. इसके लिए प्रखंडवार सूची तैयार की गई है. पहले चरण में 10 प्रखंडों में कुल 107 बायो गैस प्लांट लगेंगे. ग्राम सभा द्वारा लाभुकों का चयन किया जाएगा. इसके लिए रोजगार सेवक से लाभुकों की सूची मांगी गई है. साथ ही सभी पंचायत के जनप्रतिनिधियों को भी सही लाभुकों का चयन करने का निर्देश दिया गया है.

पहले चरण में बेरमो प्रखंड में 5, चंद्रपुरा, जरिडीह, कसमार, नावाडीह, पेटरवार में 10-10, चंदनक्यारी, चास व गोमिया में 15-15 इंडिविजुअल बायो गैस प्लांट लगाए जाएंगे. हर बायो गैस प्लांट के निर्माण पर 41,520 रुपये खर्च किए जाएंगे. इसमें 24,265 रुपये सामग्री मद के होंगे जबकि 17,227 रुपये मजदूरी मद के. इसके अलावा क्लस्टर बायो गैस प्लांट और कम्युनिटी बायो गैस प्लांट भी बनाए जाएंगे. जिसमें बोकारो के चंद्रपुरा में एक कम्युनिटी बायो गैस प्लांट का निर्माण होना है. वहीं, चास, चंदनक्यारी, गोमिया, जरिडीह, नावाडीह और पेटरवार प्रखंड में एक-एक क्लस्टर बायो गैस प्लांट बनाए जाएंगे.

पहले फेज में 107 प्लांट

इस संबंध में मनरेगा के जिला नोडल अधिकारी पंकज दुबे ने News18 Local को बताया कि पहले चरण में ग्रामीण इलाकों में 100 लाभुकों को मनरेगा से बायो गैस प्लांट का लाभ दिया जा रहा है. वहीं, क्लस्टर स्तर पर 6 व एक सामुदायिक बायो गैस प्लांट का निर्माण कराया जाएगा. सामुदायिक बायो गैस प्लांट से अधिक-अधिक लोगों को लाभ मिल सकेगा. इन सभी का निर्माण पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से किया जाएगा.

बायो गैस प्लांट की खासियत

बायो गैस प्लांट की खासियत यह होती है कि इसमें व्यर्थ पदार्थों का इस्तेमाल कर उसे सड़ाया जाता है. जिससे‌ रसायनिक अभिक्रिया होकर गैस का उत्सर्जन होता है.‌ जिसे स्टोर कर उपयोग किया जाता है. बायोगैस प्लांट में गोबर का सर्वाधिक इस्तेमाल होता है. बायो गैस से निकलने वाले बायप्रोडक्ट खेती के लिए सर्वोत्तम खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है. ग्रामीण इलाके के लोगों को इसका दोहरा फायदा होगा. उनके पास खाना बनाने के लिए ईंधन भी होगा और खेती के लिए खाद भी.

Tags: Bokaro news, Central government, Jharkhand news

टॉप स्टोरीज
अधिक पढ़ें