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Coal Crisis: DVC के बोकारो थर्मल प्लांट में सिर्फ 1 दिन का कोयला स्‍टॉक, बिजली उत्‍पादन बंद होने की आशंका

Coal Crisis: DVC के बोकारो थर्मल प्लांट में सिर्फ 1 दिन का कोयला स्‍टॉक, बिजली उत्‍पादन बंद होने की आशंका

Coal Crisis: डीवीसी के पावर प्‍लांट में सिर्फ 1 दिन का कोयला बचा है. (सांकेतिक तस्‍वीर)

Coal Crisis: डीवीसी के पावर प्‍लांट में सिर्फ 1 दिन का कोयला बचा है. (सांकेतिक तस्‍वीर)

Bokaro Thermal Power Plant: डीवीसी के बोकारो थर्मल पावर प्‍लांट में महज एक दिन का कोयला शेष बचा है. समय रहते यदि 500 मेगावाट क्षमता वाले पावर प्‍लांट में कोयले की आपूर्ति नहीं की गई तो यहां बिजली उत्‍पादन ठप हो सकता है. इससे बिजली संकट गहरा सकता है.

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    मृत्‍युंजय कुमार

    बोकारो. झारखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण एक बार फिर से कोयले का उत्‍पादन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. इसका असर पावर जेनरेशन प्‍लांट पर पड़ रहा है.दामोदर घाटी निगम (DVC) के बोकारो थर्मल प्‍लांट की स्थिति गंभीर हो गई है. यहां अगर जल्‍द ही कोयले की आपूर्ति नहीं हुई तो 500 मेगावाट क्षमता वाले पावर प्‍लांट में बिजली उत्‍पादन ठप पड़ सकता है. दरअसल, प्लांट को फुल लोड पर चलाने के लिए जरूरत का आधा कोयला ही मिल पा रहा है. अगर ऐसा हुआ तो झारखंड समेत कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है. ऐसे में लोगों को पावर कट भी झेलना पड़ सकता है.

    जानकारी के अनुसार, बोकारो थर्मल में डीवीसी के 500 मेगावाट क्षमता वाले ए  पावर प्लांट में कोयला संकट बना हुआ है. कोल यार्ड  में मात्र 1 दिन का ही कोयला शेष है. कोयले की आपूर्ति सुचारू नहीं किया गया तो प्लांट से बिजली उत्पादन कभी भी बंद करना पड़ सकता है. इस प्लांट को फुल लोड पर चलाया जाए तो प्रतिदिन साढ़े 6 से 7 हज़ार एमटी (मीट्रिक टन) कोयला की खपत होती है. वर्तमान में सड़क मार्ग से कोयले की आपूर्ति ठप है. सीसीएल के ढोरी एरिया से प्रतिदिन एक रेलवे रैक से कोयले की आपूर्ति की जा रही है. एक रैक में लगभग 3500 से 3800 एमटी कोयला ही होता है. सोमवार को सीसीएल के ढोरी एरिया से डीवीसी के कोडरमा पावर प्लांट जाने वाले रेलवे रैक को डाइवर्ट कर बोकारो थर्मल पावर प्लांट लाया गया. इसी प्रकार 2 दिन पूर्व चंद्रपुरा पावर प्लांट के कोयला रैक को डाइवर्ट कर लाया गया था.

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    गौरतलब है कि पिछले दिनों भी झारखंड में मूसलाधार बारिश होने के कारण कोयला उत्‍पादन का कार्य बाधित हुआ था. इसके कारण बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं हो सकी थी. इसके कारण देश भर में बिजली संकट गहरा गया था. झारखंड में राजधानी रांची को छोड़ कर तकरीबन हर शहर और ग्रामीण इलाकों के लोगों को बिजली कट की समस्‍या झेलनी पड़ी थी. संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुर्गा पूजा होने के बावजूद बिजली विभाग को पावटर कट लगाना पड़ा था.

    Tags: Bokaro news, Jharkhand news

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