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इस वजह से CRPF जवानों को बनना पड़ा शिक्षक, स्कूलों में दे रहे हैं शिक्षा

बच्चों को पढ़ाते सीआरपीएफ जवान

बच्चों को पढ़ाते सीआरपीएफ जवान

सीआरपीएफ जवानों का कहना है कि उन्हें बच्चों के बीच आकर काफी खुशी हो रही है. अपना बचपन याद आ गया है.

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सीआरपीएफ जवानों को हाथों में बंदूक लिए दुश्मनों के दांत खट्टे करते हुए आपने देखा होगा. लेकिन बोकारो से इनकी अलग तस्वीर सामने आई है. हाथ में बंदूक के बजाय कलम है और सामने दुश्मन के बदले स्कूली बच्चे हैं. जिन्हें ये जवान शिक्षा दे रहे हैं. दरअसल पारा शिक्षकों की हड़ताल की वजह से स्कूलों में पढ़ाई ठप ना हो, इसलिए इन जवानों ने अधिकारियों के निर्देश पर विद्यालयों में मोर्चा संभाल लिया है.

बोकारो में कुल 1568 सरकारी स्कूल हैं. इनमें 721 स्कूल पारा शिक्षकों के भरोसे चलते हैं. लेकिन पारा शिक्षकों की हड़ताल की वजह इन स्कूलों में पढ़ाई ठप होने की नौबत आ गई. ऐसे में अधिकारियों के निर्देश पर सीआरपीएफ के जवानों ने कई स्कूलों में मोर्चा संभाल लिया है. वे शिक्षकों की तरह बच्चों को पढ़ा रहे हैं. ताकि पारा शिक्षकों की हड़ताल का उनकी पढ़ाई पर कोई असर ना हो.

न्यूज-18 की टीम ने बोकारो के सेक्टर नौ स्थित सरकारी स्कूल पहुंचकर सीआरपीएफ जवानों से बातचीत की तो उनका कहना था कि उन्हें बच्चों के बीच आकर काफी खुशी हो रही है. अपना बचपन याद आ गया है.



जिला शिक्षा अधीक्षक रेणुका तिग्गा का कहना है कि पारा शिक्षकों की हड़ताल का असर है. लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है. कई लोग आगे आकर बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं, जो अच्छी बात है.
बता दें कि सरकार के सख्त रवैये के बावजूद पारा शिक्षक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. उनकी हड़ताल लगातार जारी है.

(ज्ञानेंदू की रिपोर्ट)

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