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वाह रे स्वास्थ्य महकमा! गरीबों को दवा नसीब नहीं, सदर अस्पताल के बाथरूम और गैरेज में सड़ गईं लाखों की मेडिसिन

वाह रे स्वास्थ्य महकमा! गरीबों को दवा नसीब नहीं, सदर अस्पताल के बाथरूम और गैरेज में सड़ गईं लाखों की मेडिसिन

बोकारो डीसी कुलदीप चौधरी ने मामले में जांच का आदेश दिया है.

बोकारो डीसी कुलदीप चौधरी ने मामले में जांच का आदेश दिया है.

Bokaro News: बोकारो सदर अस्पताल के बाथरूम, गैरेज और दो कमरों में लाखों रुपए की दवाएं बर्बाद हो गईं. इसमें एंटी रैबीज, परासीटामोल, डाइक्लोफेन, आई ब्रूफेन, सिट्राजिन, टैक्सिम जैसी दवाएं शामिल हैं, जो एक्सपायर हो चुकी हैं. वर्ष 2020 और 2021 के कोरोनाकाल में जितनी दवाई गैरेज और कमरों में सड़ा दी गई, उतनी दवाओं से 5 से अधिक मेडिकल दुकानें खुल सकती थीं.

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रिपोर्ट- मृत्युंजय कुमार

बोकारो. झारखंड के बोकारो सदर अस्पताल (Bokaro Sadar Hospital) में लापरवाही की हद हो चुकी है. यही कारण है कि टॉयलेट में एक्सपायरी दवाई मिलने के बाद इसकी जांच खत्म कर जैसे ही कार्रवाई की अनुशंसा की गई, अस्पताल के बाथरूम, गैरेज और दो कमरों में लाखों रुपए की दवा की बर्बादी की बात फिर सामने आ गई. इसमें एंटी रैबीज, परासीटामोल, डाइक्लोफेन, आई ब्रूफेन, सिट्राजिन, टैक्सिम जैसी दवाएं शामिल हैं, जो एक्सपायर हो चुकी हैं. वर्ष 2020 और 2021 के कोरोनाकाल में जितनी दवाई गैरेज और कमरों में सड़ा दी गई, उतनी दवाओं से 5 से अधिक मेडिकल दुकानें खुल सकती थीं.

जब इस बात की जानकारी बोकारो के उपायुक्त कुलदीप चौधरी को मिली तो उन्होंने बोकारो के डीटीओ संजीव कुमार को अस्पताल जांच के लिए भेजा, लेकिन आधे घंटे तक संजीव कुमार इधर उधर भटकते रहे. इस दौरान उपाधीक्षक डॉ संजय कुमार और इस पूरे प्रकरण के कर्ताधर्ता फार्मासिस्ट नवीन कुमार ने उन्हें कमरों की चाभियाँ उपलब्ध नहीं कराई. इसके बाद वे लौट कर चले गए. पड़ताल के दौरान इमरजेंसी के पास बने स्वास्थ्य कर्मियों के आवास D-2 में दवाइयां भरी पड़ी थीं.

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक के कार्यालय के सामने स्थित इलेक्ट्रिक रूम में ताला लगा हुआ था जिसमें एक्सपायरी दवाइयों की भारी स्टॉक होने की बात कही गई. इस मामले को लेकर बोकारो के उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने बताया कि पहले एक मामले की जांच हो चुकी है, अब फिर से इस मामले की जांच की जाएगी और जो भी दोषी होंगे, उनपर कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने कहा कि जिले भर में अब इसकी पड़ताल कराई जाएगी, सिर्फ सदर अस्पताल ही नहीं प्रखंडों में भी अगर दवाई इसी तरह रखकर एक्सपायरी करा दी गई है तो उसकी भी पड़ताल की जाएगी.

बताते चलें कि इस मामले के सामने आने के बाद आनन-फानन में सदर अस्पताल अधीक्षक द्वारा 8 जनवरी को सामग्री, दवाई रद्दीकरण को लेकर एक बैठक आयोजित करने को लेकर पत्र जारी कर दिया गया.

Tags: Bokaro news, Jharkhand news

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