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झारखंड: 4 बार नेशनल चैंपियनशिप खेल चुका कबड्डी खिलाड़ी लिट्टी-चोखा बेचने को मजबूर

राहुल की घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है.

Bokaro News: एक तरफ झारखंड की तीरंदाज बेटी दीपिका कुमारी टोक्यो ओलंपिक में भारत का झंडा बुलंद कर रही हैं, लेकिन उन्हीं के राज्य का कबड्डी खिलाड़ी राहुल कुमार आर्थिक संकट के कारण बोकारो में लिट्टी-चोखा की दुकान चला रहा है.

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    रिपोर्ट- मृत्युंजय कुमार

    बोकारो. देश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है. जहां एक तरफ खिलाड़ी कई क्षेत्रों में देश का नाम रोशन कर रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी होनहार खिलाड़ी बुनियादी सुविधाओं के अभाव व विपरीत परिस्थितियों के कारण अपनी प्रतिभा को मुकाम तक नहीं पहुंचा पा रहे. ऐसा ही एक मामला बोकारो के सेक्टर 9 में रहने वाले चार बार जूनियर नेशनल चैंपियनशिप तथा स्टेट चैंपियनशिप में गोल्ड, सिल्वर व ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित कबड्डी प्लेयर राहुल कुमार का है. जी हां, एक तरफ झारखंड की तीरंदाज बेटी दीपिका कुमारी टोक्यो ओलंपिक में भारत का झंडा बुलंद कर रही हैं, लेकिन उन्हीं के राज्य का यह कबड्डी खिलाड़ी बोकारो में लिट्टी-चोखा की दुकान चला रहा है.

    राहुल कुमार साल 2007 में कबड्डी के खेल में अपने करियर की शुरुआत की. 2019 तक ऑल ओवर इंडिया तथा बाहर भी कबड्डी के खेल में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करते रहे और आगे भी इसी क्षेत्र में जोर आजमाइश कर देश के लिए खेलना चाहते हैं. मगर उनकी पारिवारिक स्थिति उनकी इस प्रतिभा और लगन के बीच रोड़ा बन रही है.

    राहुल अपने घर में चार भाई-बहनों में सबसे छोटा हैं. घर में माता-पिता बुजुर्ग हैं और बीमार रहते हैं. घर का गुजारा लिट्टी की दुकान से किसी तरह हो पा रहा है. पहले माता-पिता ही इस दुकान को चलाते थे. मगर अब वृद्ध हो जाने के बाद वे बीमार रहने लगे हैं. इसलिए राहुल को अपने भाइयों के साथ दुकान में लिट्टी चोखा बेचने पड़ रहा है.

    राहुल का कहना है कि अगर किसी तरह घर की आर्थिक स्थिति ठीक हो जाए, कोई नौकरी या मदद सरकार से मिल जाए तो वह कबड्डी के क्षेत्र में राज्य का नाम रोशन कर सकते हैं. मां संगीता देवी कहती हैं कि उनका बेटा राहुल काफी होनहार है और खेल के लिए काफी मेहनत किया. लिट्टी चोखा की दुकान चलाकर किसी तरह इसकी पढ़ाई पूरी कराई. मगर अब उनके बीमार रहने के कारण घर चलाने के लिए सब कुछ छोड़ कर राहुल को दुकान पर बैठना पड़ता है.

    बता दें कि राहुल कुमार ने 2011 में जूनियर नेशनल चैंपियनशिप-2013, गोवा बीच कबड्डी-2014, जौनपुर इंटर यूनिवर्सिटी-2014, केरल जूनियर नेशनल चैंपियनशिप खेलकर अपनी टीम, अपने शहर और अपने जिला का नाम रोशन किया है. इसके अलावा कई सर्टिफिकेट और मेडल से सम्मानित हो चुके हैं.

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