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बोकारो में पहलवान चाचा की लिट्टी का जवाब नहीं! 40 साल से नहीं बदला है जायका

Bokaro Street Food: बिहार और झारखंड में मशहूर लिट्टी-चोखा का आनंद अगर आप बोकारो में लेना चाहते हैं, तो चले आइए पहलवान च ...अधिक पढ़ें

रिपोर्टः कैलाश कुमार

बोकारो. बिहार और झारखंड में लिट्टी-चोखा का खूब चलन है. बोकारो में भी कई जगहों पर लिट्टी बिकती है. लेकिन शहर के सेक्टर 4 में पंजाब नेशनल बैंक के पास ठेले पर ‘पहलवान चाचा की लिट्टी’ खास है. यहां 1982 से लिट्टी चोखा का पुराना स्वाद बरकरार है. ठेले पर लोग लिट्टी के साथ-साथ अदरक की चाय भी पीते हैं.

लिट्टी ठेला संचालक पहलवान ने न्यूज18 लोकल को बताया कि उन्हें पहलवानी का शौक है. जवानी में खूब पहलवानी की है. यही कारण है कि ठेले का नाम ‘पहलवान लिट्टी दुकान’ पड़ा. साल 1982 में दुकान शुरू की थी. तभी से लोग यहां की लिट्टी के दीवाने हैं. वही स्वाद आज भी दुकान पर अब पहलवान जी के बेटे उदय कुमार शाह भी बैठते हैं.

जानें लिट्टी की सामग्री
कारीगर जितेंद्र कुमार ने बताया कि वे इस दुकान पर 15 साल से हैं. लिट्टी में भरने के लिए सत्तू में बारीक कटा हुआ प्याज, लहसुन, हरी मिर्च, अजवाइन, नींबू का रस, अचार का मसाला, स्वादानुसार नमक व सरसों तेल डाला जाता है. इन सामग्रियों के अनुपात का खास ध्यान रखा जाता है. इससे लिट्टी का स्वाद निखर कर आता है.

20 रुपए प्लेट लिट्टी
उदय ने बताया कि दुकान पर रोज 30 किलो आटे की खपत है. लिट्टी 20 रुपये प्लेट है. जिसमें दो लिट्टी दी जाती हैं.. साथ में खास तरीके से तैयार आलू, बैंगन व टमाटर का चोखा परोसा जाता है. कुछ लोग इसके साथ अदरक वाली चाय पीते हैं. चाय 6 रुपए की है. वहीं, दुकान पर बेशन का लड्डू भी रहता . इसकी भी कीमत 6 रुपए प्रति पीस है.

ऐसा स्वाद और कहीं नहीं मिलता
लिट्टी का स्वाद ले रहे उत्तम बताते कि वे पिछले 15 साल से यहां आ रहे हैं. लिट्टी का स्वाद जस का तस हैं. एक और ग्राहक इरफान ने बताया कि पहलवान चाचा की लिट्टी बहुत ही लजीज होती है.

Tags: Bokaro news, Food business, Food Recipe, Jharkhand news, Street Food

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