बोकारो: झूठी केस की जांच में पुलिस ने अपहरण के सही मामले का कर दिया खुलासा

पुलिस ने आनंद और उसके साथी विवेक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया

पुलिस ने आनंद और उसके साथी विवेक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया

Bokaro Police: पुलिस जांच में ये बात सामने आई कि विवेकांनद के अपहरण की साजिश मौसेरे भाई आनंद नायक ने रची थी. और उसमें उसका दोस्त विवेक भी शामिल था. लेकिन पुलिस में आनंद के अगवा होने की झूठी रिपोर्ट लिखवा दी गई.

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रिपोर्ट- मृत्युंजय कुमार

बोकारो. जिले के जरीडीह थानाक्षेत्र के गायछंदा गांव के तिरो में अपहरण का झूठा मामला सामने आया. इस मामले में कथित तौर पर अपहृत आनंद नायक और उसके दोस्त विवेक गंजू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. दरअसल छपरगढ़ा निवासी आनंद नायक ने विवेक गंजू के साथ मिलकर अपनी मौसी के लड़के विवेकानंद के अपहरण (Kidnapping) की साजिश रची थी. लेकिन इसमें वह कामयाब नहीं हो सका. इधर, पुलिस में विवेकानंद के बदले आनंद नायक के अपहरण का मामला दर्ज कराया गया. पुलिस ने जब मामले की छानबीन की, तो सच्चाई सामने आ गई. पुलिस की माने तो आनंद अपने मौसेरे भाई का अपहरण कर दो लाख की फिरौती मांगने की फिराक में था.

बेरमो एसडीपीओ सतीश चंद्र झा ने बताया कि घटना में शुरू से ही शक की सूई आनंद पर जा रहा था. इस दौरान विवेकानंद से पूछताछ की गई तो मामला पूरी तरह स्पष्ट हो गया. जांच में यह बात सामने आई कि विवेकांनद के अपहरण की साजिश आनंद ने ही रची थी और उसमें उसका दोस्त भी पूरी तरह से सम्मलित था. पुलिस ने टीम बनाकर दोनों को अलग-अलग जगह से गिरफ्तार किया. और दोनों ने ही ने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया.

जानकारी के मुताबिक विवेकानंद की बहन की शादी ठीक हुई थी. इसी सिलसिले में घरवालों ने शादी के लिए पैसे इकट्ठा किये थे. इसकी जानकारी आनंद को हो गई और वह 6 जून को अपनी मौसी के घर पहुंचा और शाम को शौच के लिए अपने मौसेर भाई विवेकानंद के साथ जंगल की ओर गया. इस दौरान उसने चुपके से अपने दोस्त विवेक को भी वहां बुला लिया. और दोनों ने विवेकानंद के चेहरे पर कपड़ा डालकर उसका अपहरण करने की कोशिश की. लेकिन विवेकानंद किसी तरह से वहां से छूटकर घर की ओर भागा. और घरवालों को अपहरण की सूचना दी. उसने घरवालों को बताया कि उसको और मौसेरे भाई आनंद को किसी ने अगवा करने की कोशिश की. लेकिन वह बचकर घर भाग आया, पर आनंद को बदमाश अपने साथ लेकर चले गये.
विवेकानंद की इस सूचना पर गांववाले पूरी रात जंगल में आनंद की तलाश करते रहे, लेकिन वह मिला नहीं. दरअसल विवेकानंद के भागते ही आनंद अपने दोस्त के साथ मौके से फरार हो गया था. सुबह विवेकानंद के पिता ने जरीडीह थाने जाकर आनंद के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने छानबीन की तो मामला उल्टा निकला. पुलिस ने आनंद और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

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