टैटू के शौक ने एक युवक की जिंदगी की नरक में बदला, पढ़ें कैसे

टैटू का शौक इन दिनों बदलते फैशन का अहम हिस्सा माने जाने लगा है लेकिन इसी टैटू ने रांची के 21 साल के एक युवक की जिन्दगी को नरक में बदल डाला है. युवक  एचआईवी पॉजिटिव है और उसका मानना है कि टैटू की वजह से ही उसे यह रोग लगा है. उधर, चर्म रोग के जानकार कहते हैं कि ऐसे केस की संख्या कम

टैटू का शौक इन दिनों बदलते फैशन का अहम हिस्सा माने जाने लगा है लेकिन इसी टैटू ने रांची के 21 साल के एक युवक की जिन्दगी को नरक में बदल डाला है. युवक  एचआईवी पॉजिटिव है और उसका मानना है कि टैटू की वजह से ही उसे यह रोग लगा है. उधर, चर्म रोग के जानकार कहते हैं कि ऐसे केस की संख्या कम

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टैटू का शौक इन दिनों बदलते फैशन का अहम हिस्सा माने जाने लगा है लेकिन इसी टैटू ने रांची के 21 साल के एक युवक की जिन्दगी को नरक में बदल डाला है. युवक  एचआईवी पॉजिटिव है और उसका मानना है कि टैटू की वजह से ही उसे यह रोग लगा है. उधर, चर्म रोग के जानकार कहते हैं कि ऐसे केस की संख्या कम
जरूर हैं लेकिन टैटू बनवाने के दौरान यदि सावधानी नहीं बरती गयी तो ऐसी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता.

700 रुपए में मोल लिया रोग
रांची के कांके निवासी 21 साल के अभिनव (बदला हुआ नाम ) को अब जिन्दगी पहाड़ लगने लगी है. एक सवाल उसे बार  बार परेशान करता है. वह सवाल है कि क्या एचआईवी ग्रसित व्यक्ति दुनियादारी के झंझावतों को झेल सकता है. अभिनव हर वक्त उस वक्त पल को कोसता है जब उसने रांची के मेनरोड के पास 700 रुपये खर्च कर  अपनी बांह पर टैटू बनवाया था. और यहीं से उसकी जिन्दगी नर्क में तब्दील होती चली गयी.

ब्लड डोनेशन पर मिली जानकारी
अभिनव को अपने एचआईवी पॉजिटिव होने का तब पता चला जब वह एक दोस्त की भाभी को रक्त दान करने गया. रक्त दान करने के सात दिनों बाद उसे पैथोलॉजी से एक फोन आया जिसमें कहा गया कि वह एचआईभी पॉजीटिव है. इतना सुनना था कि उसका कलेजा धक से रह गया. अभिनव की मानें तो उसने अपनी जिन्दगी में  न तो किसी से शारीरिक संबंध बनाए थे और ना ही उसने कभी किसी से रक्त ही लिया था. वर्ष 2012 में उसने टैटू बनवाया था. तब टैटू बनाने वाले ने एक ही सुई से कई लोगों के टैटू बनाए.  पर वह तब इसकी गंभीरता समझ नहीं पाया और वह भी टैटू बनवाने बैठ गया. जब से अपने साथ हुए हादसे की जानकारी मिली तो वह फिर उसी स्थान पर कई बार गया, पर ढाई साल में एक बार भी टैटू बनाने वाला शख्स वापस नजर नहीं आया.

टैटू से एड्स की आशंका से इकार नहीं करते एक्सपर्ट
चर्म रोग  विशेषज्ञ डॉ डी के मिश्रा  बताते हैं कि एक ही सूई से यदि कई लोगों को इंजेक्शन दिया जाता तो एड्स का इंफेक्शन हो सकता है. पर टैटू बनवाने एड्स के कितने चांसेज हैं, बताया नहीं जा सकता.  उधर रिम्स के चर्म रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ एसएस चौधरी ने भी कहा कि ऐसे केस की संख्या कम जरूर है, लेकिन टैटू बननान के दौरान यदि सावधानी नहीं बरती गई तो ऐसी घटनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता.

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